पंचकूला। कालका विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रदीप चौधरी ने अवैध खनन को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन की खनन माफिया से पूरी साठगांठ है तभी तो पंचकूला जिले में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन का खेल चल रहा है। आम आदमी यदि घर बनाने के लिए रेत-बजरी लेने के लिए नदी में घुस जाए तो पुलिस और खनन विभाग उसे चंद मिनट में पकड़ लेता है। वहीं दिन-रात नदियां को खोदने वाले खनन माफिया पर प्रशासन पूरी तरह से मेहरबान है।
विधायक प्रदीप चौधरी ने प्रशासन की जांच टीम पर भी सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि टीम जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करती है। जांच के दौरान उन लोगों को साथ लेकर जाती है जिनकी मिलीभगत से अवैध खनन हो रहा है। टांगरी नदी और खेतपुराली से बतौड़ तक नदियों में खुलकर अवैध खनन का खेल चल रहा है। रायपुररानी-टांगरी नदी पुल से महज एक किमी के दायरे में 500 मीटर तक नदी को खोद दिया गया है। इसके साथ ही रत्तेवाली में किसानों के सुझाव लिए बिना ही खनन शुरू कर दिया है और नदी को 20 से 30 फुट तक खोद दिया है।
ओवरलोडिंग के चलते गांवों की सड़कें हुईं खस्ताहाल
इतना ही नहीं ओवरलोडिंग से गांवों की सड़कों को तोड़ा जा रहा है। इसके अलावा श्यामटू में खनन शुरू कर रहे हैं, जबकि वहां पर सुखदर्शनपुर में बन रही गोशाला के बीच से रास्ता निकाला जा रहा है। इस प्रकार से खनन की परमिशन देना क्षेत्र के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक होगा क्योंकि एक तरफ भूजल स्तर लगातार घट रहा है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ‘मेरी विरासत मेरा पानी’ पर जोर दे रहे हैं।
दो कंपनियां खनन टेंडर लेने के बाद सरेंडर करके सरकार को करोड़ों का चूना लगा गईं
विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि सरकार खनन को लेकर गंभीर नहीं है। पिछले डेढ़ साल के भीतर गोबिंदपुर और टोडा से दो कंपनियां सरेंडर करके सरकार को करोड़ों का चूना लगा गईं। ऐसे में सरकार की मिलीभगत नहीं तो और क्या है। इस प्रकार के अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन से यदि लोगों की जमीन का नुकसान हुआ तो वे लोगों के साथ हर संघर्ष में साथ रहेंगे।