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हरियाणा : डिप्टी सीएम बोले- 75 फीसदी रोजगार कानून में बदलाव के रास्ते अब भी खुले

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चंडीगढ़। हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी रोजगार देने का कानून लागू होने के बाद 22 हजार से अधिक कंपनियों ने श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। प्रदेश के 3280 युवा भी नौकरी के लिए पंजीकृत हो चुके हैं। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ सेमिनार के माध्यम से चर्चा कर आपत्तियों का समाधान निकालेंगे। उद्योगपति आश्वस्त रहें, भविष्य में जरूरत पड़ी, तो कानून में बदलाव किया जा सकता है, इसके लिए रास्ते खुले हैं।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मीट द प्रेस कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए स्टार्टअप, नई आईटी व आईटीईएस कंपनियों को ‘हरियाणा स्टेट एंपलाइमेंट ऑफ लोकल कंडीडेट्स एक्ट,2020’ में दो वर्ष के लिए छूट दी गई है। शॉर्ट टर्म (45 दिनों) वाले कार्यों पर भी यह कानून लागू नहीं होगा। सरकार ने फसलों की बुआई, कढ़ाई के अलावा फल, सब्जी, चायपत्ती, कॉफी, मछली, पशुओं आदि से संबंधित प्राथमिक कार्यों को भी कानून से बाहर रखा गया है। घरों में रखे जाने वाले नौकरों व उन उद्योगों को भी छूट दी गई है जिनके लिए कौशलयुक्त कामगार नहीं मिलते। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश की आजादी के 75वें अमृत महोत्सव पर हरियाणवी युवाओं को निजी सेक्टर में 75 प्रतिशत रोजगार देने के अधिकार का ऐतिहासिक कानून मिला है। 15 जनवरी 2022 की रात्रि से यह कानून प्रदेश में प्रभावी हुआ है। 10 से ज्यादा कर्मचारी वाले उद्योगों में यह लागू है। श्रम विभाग के उद्यम पोर्टल पर निरंतर कंपनियां खुद का पंजीकरण करवा रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि सभी बेरोजगार युवा अपना पंजीकरण संबंधित पोर्टल पर करवाएं ताकि उन्हें रोजगार के साथ जोड़ा जा सके।
विपक्ष ने कानून के बारे में किया भ्रामक प्रचार
दुष्यंत ने कहा कि विपक्षियों ने इस कानून के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया। इसके अलावा वर्ष 2008-09 में प्रदेश के बड़े उद्योगों में कई ऐसी घटनाएं हुई, जिससे स्थानीय युवा रोजगार से वंचित हो गए। हरियाणा स्टेट एंपलाइमेंट ऑफ लोकल कंडीडेटस एक्ट, 2020 का राजनीतिक व गैर-राजनीतिक तौर पर भी विरोध हुआ। लेकिन, हम युवाओं के हित में रुके नहीं।
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युवाओं को पोर्टल पर हिंदी-पंजाबी का विकल्प भी मिलेगा
युवाओं को जल्द पोर्टल पर अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय भाषाओं हिंदी-पंजाबी का भी विकल्प दिया जाएगा। रोजगार योग्य स्थानीय उम्मीदवारों को नौकरी न देने वाले उद्योगों पर 50 हजार से 2 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। युवाओं की डोमिसाइल सर्टिफिकेट की समस्या हल करने के लिए पोर्टल पर परिवार पहचान पत्र से लिंक करने का विकल्प देंगे।
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