चंडीगढ़। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुबंध पर कार्य कर रहे अनुदेशकों को हटाने के हरियाणा सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही फिलहाल उनकी सेवाओं को जारी रखने का भी आदेश दिया है।
अनुदेशकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उनकी नियुक्ति 2014 में अनुबंध के आधार पर हुई थी। हाईकोर्ट को बताया गया कि सरकार की नीति के तहत अनुबंध के आधार पर भरे पदों को रिक्त पद नहीं माना जाता है। इसके बावजूद अभी कुछ नियमित अनुदेशकों को तबादले के तहत लाकर याचिकाकर्ताओं की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। याची ने बताया कि प्रदेश में अनुदेशकों के 147 पद रिक्त हैं, बावजूद इसके नियमित अनुदेशकों को वहां पर न भेज कर याचिकाकर्ताओं की नौकरी छीनी जा रही है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। साथ ही यह भी कहा कि यदि राज्य में अन्य स्थान पर पद रिक्त हैं तो याचिकाकर्ताओं को वहां पर नियुक्ति दी जा सकती है।