मोहाली में कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को समाप्त करने में विफलता पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह समीप होने के चलते आंदोलन को छेड़ा नहीं जा रहा है ताकि शांति बनी रहे। हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आखिरी मौका देते हुए ठोस कदम उठाकर अगली सुनवाई पर जानकारी देने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ की ओर से एडवोकेट रवि कमल गुप्ता के माध्यम से बताया गया था कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है। इससे पहले प्रदर्शन को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अदालत की आंखों के धूल झोंकने का प्रयास करार देते हुए फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि सरकार चाहे तो बड़े से बड़े प्रदर्शन को रातों-रात समाप्त करवा सकती है लेकिन इसके लिए इच्छा शक्ति जरूरी है जो दिखाई नहीं दे रही है। इतने लंबे समय से लोग धरना लगाए बैठे हैं और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि अब केवल 30 प्रदर्शनकारी ही मौजूद हैं। इस पर याची ने कहा कि इन प्रदर्शनकारियों के लिए पुलिस के 500 जवान व रैपिड एक्शन फोर्स तैनात है। अब लोगों को परेशानी प्रदर्शनकारियों से ज्यादा सरकारी बैरिकेडिंग से है। हाईकोर्ट के सख्त रुख पर पंजाब सरकार और यूटी प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के चलते हाईकोर्ट से कुछ मोहलत मांगी। हाईकोर्ट ने अब 17 अगस्त को दोनों को ठोस जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।