चंडीगढ़। सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में हरियाणा पुलिस ने पेपर खरीदने वालों को तो काबू कर लिया है, लेकिन पेपर बेचने वाला अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दस दिन बीतने के बावजूद मुख्य आरोपी को पकड़ना तो दूर की बात है, पुलिस अभी तक ये सुराग भी नहीं लगा पाई है कि आखिरकार किसने और कहां से पेपर लीक किया था। 7 अगस्त को लीक हुए पेपर मामले में करनाल और कैथल पुलिस अब तक 28 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से आधे से अधिक वे हैं, जिन्होंने खुद या फिर अपने परिवार के सदस्यों के लिए लाखों रुपये में पेपर खरीदा था। पुलिस का दावा है कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि पुलवामा निवासी नजीर इसमें मुख्य कड़ी है।
नजीर ने ही हिसार के गांव खांडा खेड़ी निवासी राजकुमार और मुख्य आरोपी के बीच बैठक करवाई थी। इसके बाद हिसार के नरेंद्र ने एक करोड़ रुपये में राजकुमार से ये पेपर लिया था। नजीर को बिचौलिया बताया जा रहा है। रमेश, राजकुमार और नरेंद्र समेत नजीर को पुलिस ने रिमांड पर लिया हुआ है, लेकिन अभी तक आरोपियों से कुछ खास नहीं उगलवा पाई है।
पेपर लीक में घर के भेदी की तलाश
एक के बाद एक नई गिरफ्तारी से पुुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हरियाणा से होते हुए जम्मू तक पेपर लीक के तार जुड़े हैं। आरोपियों के कब्जे से बरामद लैपटॉप और मोबाइल को भी साइबर की टीमें खंगाल रही हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकालकर मिलान किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पेपर लीक बिना किसी अंदर के भेदी की मिलीभगत से नहीं हो सकता। इसलिए पुलिस अब जांच का दायरा बढ़ा रही है।
विपक्षी नेता सरकार को घेर रहे
पेपर लीक मामले को लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा समेत इनेलो के नेता अभय सिंह चौटाला प्रदेश सरकार पर हमला बोल चुके हैं। सभी विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार की शह के बिना पेपर लीक नहीं हो सकते। इसलिए इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
पेपर लीक में कोई भी शामिल हो, वो बचना नहीं चाहिए। इसके लिए हमने डीजीपी को पत्र भी लिखा है। पुलिस की जांच में ही ये खुलासा हो सकेगा कि पेपर लीक करने का मुख्य आरोपी कौन है। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी
हमारी सरकार में पर्ची-खर्ची नहीं चलती। पहले जो लोग ये काम करते थे, अब वे पेपर लीक कराते हैं। - कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री।