खैर, सरकार ने कुछ कारणों को लेकर अपने इन आदेश से यू-टर्न ले लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सरकार और अफसरों के स्तर पर मंथन में इस बात की चर्चा की गई कि लॉकडाउन में मुख्य फोकस गरीब जरूरतमंद और असहाय लोगों पर ही रखना उचित होगा।
इस मंथन में यह बात भी सामने आई कि एपीएल कार्ड धारक गरीबी रेखा से ऊपर वाला कोई भी व्यक्ति हो सकता है और इन्हें पहले भी कोई राशन सरकारी डिपो के माध्यम से नहीं मिलता था। ये लोग बाहर से ही राशन खरीद कर अपना गुजर-बसर करने में सक्षम है।
अब इस लॉकडाउन पीरियड में भी अभी तक एपीएल कार्ड धारक सभी लोग बाहर से ही राशन लेकर गुजारा कर रहे हैं। लिहाजा इन लोगों को राशन डिपो से सस्ता राशन देने की कुछ खास जरूरत नहीं दिख रही है। सरकार सिर्फ उन लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराए, जिनके लिए लॉकडाउन में अपना गुजर-बसर करना मुश्किल हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार सरकार घोषणा पर इस वक्त अपने विपक्षियों को इस पर राजनीति करने का मौका भी नहीं देना चाहती है। उधर, सरकार गरीबों असहाय और जरूरतमंद लोगों को राशन डिपो और ड्राई पैकेट के जरिये मुफ्त राशन वितरित करने में लगी हुई है। अब तो सर्वे के दौरान लोगों से यह भी पूछा जा रहा है कि उन्हें राशन सूखा चाहिए या तैयार भोजन। ऐसे लोगों को सरकार प्रति सप्ताह आर्थिक मदद भी कर रही है। लिहाजा सरकार ने इन्हीं जरूरतमंद लोगों पर अपना फोकस रहते हुए अपने 7 अप्रैल वाले फैसले को वापस ले लिया है।
हरियाणा सरकार ने अगले 3 महीनों तक यानी अप्रैल मई व जून में 27 लाख पात्र परिवारों जिनमें गुलाबी, पीले और ओपीएच (प्राथमिक परिवार) राशन कार्ड धारक शामिल हैं, को दोगुना राशन देने का फैसला किया है।
इसके लिए सभी राशन डिपो पर अतिरिक्त राशन की सप्लाई भी कर दी जाएगी। इस राशन में सिर्फ गेहूं आटे की ही अतिरिक्त सप्लाई की जाएगी। इसके अलावा राशन डिपो पर चीनी, दाल और सरसों के तेल के अलावा अब एक किलो नमक भी लाभार्थी परिवारों को मिलेगा।
सरकार ने एपीएल राशन कार्ड धारकों को सरकारी डिपो के जरिये सस्ता राशन देने की घोषणा को वापस ले लिया है। लॉकडाउन में सरकार की ओर से गरीब, असहाय और जरूरतमंदों को ही मुफ्त राशन और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है। - पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग