चंडीगढ़। लाखों मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के तले पड़े रहने के चलते सड़ने के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने हलफनामा दाखिल किया है। एफसीआई ने बताया कि खुले आसमान के नीचे अनाज न सड़े इसके लिए सभी केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि अनाज को गोदामों में रखा जाए। साथ ही यदि किसी की लापरवाही से अनाज सड़ता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
इस मामले में जनहित याचिका दायर करते हुए फिरोजपुर निवासी वरिंदर कुमार ने हाईकोर्ट को बताया था कि हरियाणा के सिरसा जिले के ऐलनाबाद में 16 लाख मीट्रिक टन गेहूं सरकारी अफसरों के लापरवाह रवैए से खराब होने की कगार पर है। मानसून का सीजन होने के कारण गेहूं में पानी लग रहा है और यदि अभी कदम नहीं उठाए गए तो यह सारा अनाज बर्बाद हो जाएगा।
याचिकाकर्ता ने अधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन अधिकारियों ने इसकी ओर ध्यान नहीं दिया। कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के भी निर्देश हैं कि स्टोरेज करते हुए यदि अनाज को बाहर रखा जाता है तो इसे पूरी तरह से कवर किया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को हरियाणा सरकार के अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
याचिका पर जवाब सौंपते हुए एफसीआई ने बताया कि अब सभी केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि अनाज को खुले में न रखकर इसे गोदामों में रखा जाए। यदि किसी की गलती की वजह से अनाज खराब होता है तो उस स्थिति में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि अब इस याचिका पर आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया।