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हरियाणा : प्रदेश सरकार और अफसरशाही करनाल एसडीएम के पक्ष में, टिकैत चाहते हैं निलंबन

Wed, 01 Sep 2021 04:24 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

किसान नेता राकेश टिकैत इस घटना को लेकर स्पष्ट हैं कि किसानों का खून बहाने वाले आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित किया जाए।
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राकेश टिकैत - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा को लेकर हरियाणा सरकार का स्टैंड कायम है। अफसरशाही ने भी एसडीएम का समर्थन किया है। अधिकारियों से लेकर कई मंत्रियों ने सीएम को फीडबैक दिया है कि करनाल एसडीएम का तरीका उचित है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे फील्ड में होते थे तो कई बार इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ता था। ऐसे में स्पष्ट आदेश देने पड़ते हैं। ऐसे में सरकार का भी तर्क है कि एसडीएम की शब्दावली गलत है, लेकिन एसडीएम के एक्शन को गलत मानने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी अधिकारियों और मंत्रियों के तर्क से सहमत हैं। 

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टिकैत ने कहा निलंबित हो अधिकारी
दूसरी तरफ किसान नेता राकेश टिकैत इस घटना को लेकर स्पष्ट हैं कि किसानों का खून बहाने वाले आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित किया जाए। टिकैत ने हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई को तालिबानी करार दिया है। 

एसडीएम पर कार्रवाई के लिए उपमुख्यमंत्री अडिग
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला करनाल के एसडीएम पर कार्रवाई की बात को लेकर अडिग हैं। ऐसे में गठबंधन सरकार का क्या निर्णय होगा यह देखना होगा, क्योंकि कुरुक्षेत्र के पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के बाद दुष्यंत ने कार्रवाई की मांग की थी और सरकार ने यह मांग मानते हुए संबंधित अधिकारी पर गाज भी गिराई थी, लेकिन इस बार सरकार क्या करेगी इस पर किसानों से लेकर विपक्ष तक की नजरें टिकी हैं।
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उधर, मुख्यमंत्री ने इस मामले में एक टीवी चैनल के सामने कहा है कि एसडीएम की भाषा गलत है। यह मैं स्वयं कह रहा हूं। विपक्ष के कहने से पहले कह रहा हूं, लेकिन जहां का वीडियो वायरल हुआ है। घटना वहां से 12 किलोमीटर दूर घटी है।

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