पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित जैनेंद्र गुरुकुल स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेक्टर-1 के तत्वावधान में श्रीमद्भगवद् गीता पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी और संस्कृत के विद्वानों ने गीता और भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं के बारे में व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत दीप प्रज्वलन से हुआ। संगोष्ठी के पश्चात उपायुक्त महावीर कौशिक ने डॉक्टर राजीव रंजन, राम दिया शास्त्री, प्रकाश और जितेंद्र को सम्मानित किया।
संगोष्ठी का संचालन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं संचार विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार पांडेय ने किया। इस मौके पर डॉक्टर राजीव रंजन ने कहा कि कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का दिव्य संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि हम उस महान देश के वासी हैं जिस देश में गंगा, यमुना और सरस्वती बहती हैं। हमें इस बात का गर्व है कि ये नदियां भगवान श्रीराम और श्री कृष्ण जी के जन्म की साक्षी हैं। एक तरफ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं तो दूसरी तरफ 16 कला संपूर्ण श्रीकृष्ण हैं।
उन्होंने श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गीता उपदेश के बारे में विस्तार से बताया और गीता के मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। संगोष्ठी में राम दिया ने गीता मंत्रोच्चारण से अपना संबोधन शुरू कर सभी को गीतामय कर दिया। उन्होंने कहा कि हमें गीता में श्री कृष्ण के द्वारा निस्वार्थ भाव से अपना कर्म करने और फल की इच्छा न करने का संदेश दिया है। हमें श्रीमद्भगवद् गीता के माध्यम से श्री कृष्ण द्वारा दिए संदेश का अनुसरण कर दूसरों की भलाई का कार्य करना चाहिए।
इस मौके पर राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-1 से जितेंद्र ने विद्यार्थी जीवन में गीता के महत्व के बारे में जानकारी दी। कुरुक्षेत्र से आए प्रकाश ने कहा कि गीता हमें लोकोपकार का संदेश देती है। इस अवसर पर एसडीएम ऋचा राठी, महाविद्यालय के अध्यापक और काफी संख्या में स्कूलों और महाविद्यालय के छात्र भी उपस्थित रहे।