अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। म्यूजिक निर्माता पिंकी धालीवाल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है और पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा से धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट को बताया गया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है और दूसरा पक्ष मामले को जारी रखना नहीं चाहता।
पिंकी धालीवाल ने अपनी याचिका में कहा था कि मटौर थाना मोहाली में दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए, क्योंकि शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ता के बीच विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो चुका है। समझौता 21 मार्च, 2025 को संपन्न हो गया था तथा शिकायतकर्ता को एफआईआर के रद्द होने पर कोई आपत्ति नहीं है। राज्य ने भी एफआईआर को रद्द करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उसके तार्किक अंत तक ले जाया भी जाए, तो यह केवल समय और संसाधनों की बर्बादी होगी, क्योंकि पक्षकारों के बीच विवाद समाप्त हो चुका है और उन्होंने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए एफआईआर और उससे संबंधित सभी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष समझौते की शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य रहेंगे।
यह मामला 8 मार्च, 2025 की शाम का है, जब पंजाब पुलिस ने पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा से धोखाधड़ी के मामले में म्यूजिक प्रोड्यूसर पिंकी धालीवाल को गिरफ्तार किया था। मटौर थाना पुलिस की यह कार्रवाई सुनंदा शर्मा की भावुक पोस्ट के बाद हुई थी। सुनंदा ने आरोप लगाया है कि कई साल में उसके साथ काम करके 250 करोड़ रुपये कमाने के बावजूद उन्हें इसका कोई भुगतान नहीं किया गया। सुनंदा ने मोहाली पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि पुष्पिंदर धालीवाल ने अपने बेटे गुरकरण धालीवाल से उनकी शादी कराने का झांसा देकर उनका शोषण किया।