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बीबीएमबी का पुनर्गठन हो, तीन हजार पदों पर जल्द भर्ती करेंगे : सीएम मान

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। पिछली सरकारों में नेता गाड़ी में नशा लेकर घूमते थे, हमारी सरकार में कोई एक ऐसा बता दें जो नशे के कारोबार को शह दे रहा हो। अब हम कानून लागू करने वाली एजेंसियों में भी काली भेड़ों की पहचान कर रहे हैं, जो इस नशे के कारोबार में शामिल है। उन सब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीबीएमबी का पुनर्गठन होना चाहिए। बीबीएमबी में पंजाब के कोटे की 3000 भर्तियां की जाएंगी।
ये बातें सीएम भगवंत सिंह मान ने कहीं। दरअसल पंजाब के मुख्यमंत्री मान से कैबिनेट की बैठक के बाद बातचीत में एक सवाल किया गया कि बठिंडा-मानसा रोड पर मौड़ मंडी के गांव भाई बख्तौर में नशा तस्करों ने पूर्व फौजी की दोनों टांगें तोड़ दीं। इसके बाद गांव वालों ने पोस्टर लगा दिया कि साडा पिंड बिकाऊ है। पूर्व फौजी पर जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने में विफल साबित हुई। इस पर सीएम मान ने पुरानी सरकारों और एजेंसियों पर कार्रवाई करने की बात कही।
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एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कितनी अजीब बात है कि किसान यूनियनों को उनके साथ बहस करने की चिंता सता रही है, जबकि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान की बिजाई पहले ही शुरू हो चुकी है और पंजाब सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की हाल ही में हुई बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से सीमावर्ती क्षेत्रों में कॉलेज और उद्योग स्थापित करने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के विकास को बड़ा बढ़ावा देना बहुत जरूरी है, जो कई कारणों से पिछड़ गए थे। उन्होंने उन किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया, जिनकी जमीन अंतरराष्ट्रीय सीमा और बाड़ के बीच में है। बीबीएमबी के पुनर्गठन की मांग को दोहराते हुए सीएम मान ने कहा कि प्रदेश के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और किसी को पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी। प्रदेश के अधिकांश ब्लॉक डार्क जोन (खतरे की कगार पर) में हैं और प्रदेश में भूजल की स्थिति बहुत गंभीर है। प्रदेश के अधिकांश नदी संसाधन सूख गए हैं, जिसके कारण अपनी सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए और पानी की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि पानी के स्तर में बार-बार बदलाव को ध्यान में रखते हुए जल समझौतों की हर 25 साल बाद समीक्षा की जानी चाहिए। पंजाब एक लैंडलॉक सीमावर्ती राज्य है, जिसने देश को अनाज देने के लिए पानी और उपजाऊ मिट्टी के मामले में अपने एकमात्र उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का पहले ही बहुत अधिक उपयोग कर लिया है। पंजाब के कोटे की 3000 रिक्तियां बीबीएमबी द्वारा जानबूझकर नहीं भरी गई हैं, ताकि पानी पर प्रदेश के दावे को कमजोर किया जा सके। इन रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने के लिए जोर दिया जाएगा, ताकि प्रदेश के हितों की रक्षा की जा सके।
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