चंडीगढ़। प्रदेश में डीएपी संकट को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने जिलों में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारियों एवं खाद निरीक्षकों को सख्त हिदायतें जारी की हैं। उन्हें सभी खाद विक्रताओं के गोदामों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं पर भी खाद वितरण, भंडारण एवं बिक्री प्रक्रिया में खामी पाए जाने पर विक्रे ता का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कड़ी कार्रवाई करने से अफसर बिल्कुल न हिचकिचाएं। खाद निरीक्षक उसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजें। किसानों के लिए जिलों में खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। डीएपी की उपलब्धता को लेकर किसान थोड़ा धैर्य रखें और खाद का स्टॉक न करें। आवश्यकता अनुसार ही खाद की खरीद करें। खाद की उपलब्धता बारे विभागीय स्तर पर रबी सीजन के दौरान बिजाई की जाने वाली फसलों के अनुरूप खाद की मांग केंद्र सरकार से की गई है। नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में डीएपी खाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध होगी। सरकार ने हर जिले में डीएपी के रैक आवंटित कर दिए हैं। इनकी आपूर्ति किसानों की सुविधा को देखते हुए सीधे जिलों में स्थित सभी कृषि सहकारी समितियों में की जाएगी। इससे किसानों को खाद लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।