चंडीगढ़। संयुक्त पात्रता परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। वन टाइम पंजीकरण पोर्टल में लगातार सामने आ रहा खामियों ने अभ्यर्थियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। अभ्यर्थी शिकायत कर रहे हैं कि पहले उन्होंने सीईटी के लिए पंजीकरण कराया तो पूरी जानकारी भरी थी, लेकिन अब जब इसका प्रिंट निकाल रहे हैं तो वह खाली आ रहा है और कोई जानकारी नहीं दिखाई दे रही है। इसके अलावा, फीस जमा कराने के बावजूद कुछ अभ्यर्थियों की आईडी पर फीस जमा नहीं दिखाई जा रही है, जब पोर्टल पर फीस जमा कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाती है तो बताया जाता है कि आपकी फीस जमा है। अहम बात ये है कि आयोग को मेल पर शिकायत करने के बावजूद इसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोग इन दिक्कतों को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी करे।
गौर हो कि ग्रुप सी के 32 हजार पदों के लिए 12.40 लाख युवाओं ने पंजीकरण करा रखा है। 15 जुलाई तक अभ्यर्थी अपनी फीस जमा करा सकते हैं। लेकिन बार बार पोर्टल में दिक्कत आने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अमित कुमार, प्रांजल, रवि आदि ने बताया कि साफ्टवेयर में खामी होने के चलते पहले जो जानकारी भरी थी, प्रिंट निकालते समय वो जानकारी नहीं मिल रही है।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सीईटी परीक्षा को लेकर आयोग को हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए। आयोग के नंबर पर फोन किया जाता है तो या तो कोई उठाता नहीं है या फिर उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं होता है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट में ही तकनीकी दिक्कत है। बार-बार लाग इन करने पर भी यह खुल नहीं रही है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि इसमें सुधार किया जाए। आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं, किसी को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
क्लर्क भर्ती 693 को अंतिम मौका
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने क्लर्क भर्ती में नौकरी से बाहर होने वाले 693 क्लर्कों को जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। सभी की सूची जारी करते हुए आयोग ने इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। क्लर्कों को कहा गया है कि वह 18 जुलाई तक अपना जवाब दें, नहीं तो समझा जाएगा कि वह जवाब नहीं देना चाहते और उनको रीलिव कर दिया जाएगा। गौर हो कि 4798 पदों की भर्ती 2020 में हुई थी। पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर क्लर्क भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया गया था। इसमें पहले से नौकरी कर रहे काफी संख्या में क्लर्क बाहर हो गए थे। बाद में वह हाईकोेर्ट चले गए थे और स्टे लगा दिया था। आयोग उन क्लर्कों को नोटिस जारी किया था, केवल 156 ने ही आयोग को जवाब दिया है, शेष ने नहीं।