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हरियाणा : नौकरी से हटाए गए एक्सटेंशन लेक्चरर्स होंगे समायोजित, नीति में संशोधनों को मंजूरी

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चंडीगढ़। हरियाणा में नौकरी से हटाए गए एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सरकार समायोजित करेगी। इनके नाम के साथ विस्थापित जुड़ेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इनकी नियुक्ति नीति में किए गए विभिन्न संशोधनों को मंजूरी दे दी है। समायोजन के लिए लेक्चरर को एक सेमेस्टर का कार्य अनुभव होना जरूरी है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष एक्सटेंशन लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न समस्याएं और शिकायतें रखी थीं। इस पर उन्होंने उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ विचार-विमर्श कर एक्सटेंशन लेक्चरर की नीति में संशोधनों को मंजूरी दी। एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक सेमेस्टर यानि 90 दिन तक पात्र एक्सटेंशन लेक्चरर के रूप में कार्य कर चुके, कार्यभार कम होने के कारण, स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नियमित असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के कारण कार्यमुक्त किए गए सभी लेक्चरर्स को समायोजित किया जाएगा। सरकार इन्हें ‘विस्थापित एक्सटेंशन लेक्चरर’ के रूप में मानेगी। इन्हें समायोजन पर कॉलेज प्रमुख की तरफ से जारी उचित अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसे अनुभव प्रमाण पत्र का टेम्प्लेट सभी कॉलेजों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
इन लाभ का भी बनाया पात्र
- एक्सटेंशन लेक्चरर एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश के हकदार होंगे। यदि वह निर्धारित अवधि में अवकाश का लाभ नहीं उठाते हैं तो अवकाश समाप्त नहीं होगा। उसे वर्ष में किसी भी समय ले सकते हैं। इससे पूर्व एक्सटेंशन लेक्चरर 12 आकस्मिक अवकाश यानी एक अवकाश प्रति केलेंडर माह के हकदार थे। इस अवकाश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता था।
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- 4 मार्च 2020 को जारी नीति की अधिसूचना के दिन या उससे पहले यूजीसी मानदंडों के अनुसार नेट, पीएचडी की योग्यता हासिल कर चुके एक्सटेंशन लेक्चरर को पुनर्समायोजन के लिए पात्र माना जाएगा।
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