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स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान पर प्रदर्शनी, उपायुक्त ने किया उद्घाटन

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पंचकूला। बुधवार को लघु सचिवालय परिसर में हरियाणा के योगदान पर आधारित तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन पंचकूला के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने किया।
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यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान पर आधारित थी। प्रदर्शनी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहल पर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव व सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में पंचकूला से शुरू की गई। इसके बाद प्रदेश के अन्य सभी जिलों में भी आयोजित की जाएगी।
इस मौके पर प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य हमारी युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीर सेनानियों की गाथाओं से अवगत करवाना है। इस अवसर पर नगराधीश सिमरनजीत कौर भी उपस्थित थी।
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प्रदर्शनी में है, स्वतंत्रता सेनानियों की झलक
उपायुक्त ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, राजा-महाराजाओं के योगदान को अभिलेखों के माध्यम से आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन करें और देश की आजादी में योगदान देने वाले वीरों के जीवन से जुड़ी अहम जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों व वीर सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत आज हम खुली हवा मे सांस ले रहे हैं। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके बलिदानों से प्रेरणा लेकर देश के नव निर्माण में अपना योगदान दें।
रोहनात गांव की प्रदशर्नी ने प्रभावित किया
उपायुक्त ने कहा कि भिवानी जिला के रोहनात गांव की प्रदशर्नी ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया है। क्योंकि गांव रोहनात ने 1857 की जन क्रांति में अहम भूमिका निभाई। अंग्रेजों ने दमन चक्र शुरू किया और जन क्रांति में भाग लेने वालों को फांसी दी या गोली मार दी। उन्होंने कहा कि गांव रोहनात का इतिहासिक कुआं, बरगद का पेड़ और जोहड़ आज भी अंग्रेजों के जुल्मों की याद दिलवाते हैं। गांव रोहनात के सैकड़ों क्रांतिकारी शहीद हुए। अंग्रेजों ने 20 जुलाई 1858 को रोहनात की जोहड़ की जीमन को छोड़ कर बाकी सारे गांव का रकबा व संपत्ति नीलाम कर दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वयं रोहनात गांव की जमीन को छुड़वाया और रोहनात को सही मायनों में आजादी दिलवाई।
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