पंचकूला। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के मुख्यालय में कोविड वारियर्स की याद में बनाई गई ‘वॉल ऑफ मेमोरी’ का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संक्रमण के दौरान पुलिस विभाग के 37 लोग बलिदान हुए। इसी प्रकार शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 9 लोगों ने भी अपना दायित्व निभाकर जान गंवाई है। विज ने कहा कि वे चाहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई ‘वॉल ऑफ मेमोरी’ की तर्ज पर पुलिस विभाग और शहरी स्थानीय विभाग भी ऐसे वॉल बनाएं ताकि इन लोगों को याद रखा जा सके। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न 11 जिलों में बनाई गई वॉल आफ मेमोरी का माउस का बटन दबाकर अनावरण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के 56 उत्कृष्ट कर्मियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया। विज ने कोविड वारियर्स कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ऑक्सीजन के मामले में देश का पहला राज्य बनेगा। हर जिले में पर्याप्त उपकरणों से लैस वर्किंग आईसीयू की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि सुविधाओं के कमी के कारण किसी भी व्यक्ति की जान न जाए।
वॉल आफ मेमोरी में दी श्रद्धांजलि
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड काल के दौरान अपने दायित्व को निभाते हुए स्वास्थ्य विभाग के 28 लोगों ने अपना बलिदान दिया है, जिन्हें आज यहां हम सभी एकत्रित होकर वॉल आफ मेमोरी बनाकर श्रद्धांजलि देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी वॉल पंचकूला मुख्यालय सहित उन जिलों में भी बनाई गई है जहां-जहां ये कर्मी कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि ऐसे 11 जिलों में यह मेमोरी वॉल बनाई गई है ताकि आने वाली पीढ़ियां इन्हें याद रखकर अपने जीवन में आगे बढे़ं। विज ने कहा कि ऐसा सैकड़ों वर्षों में एक बार होता है जब इस तरह की स्थितियां आती हैं। ऐसी विकट परिस्थितियों के संबंध में क्या-क्या पग उठाए गए, इसका इतिहास बन जाता है। इसलिए मेडिकल शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उन्होंने निर्देश हैं कि वे कोविड के दौरान की परिस्थितियों के संबंध में इतिहास लिखने का कार्य करें और इसके कार्य के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों को पता लग सकें कि किस प्रकार से कंटेनमेंट जोन, आइसोलेशन वार्ड बनाए गए, लैब स्थापित किया गया। डॉक्टरों को पीपीई कीट में किस प्रकार से काम करना पड़ा। इत्यादि की जानकारी मिल सके। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. प्रभजोत सिंह, मेडिकल शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. शालीन, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।