पंचकूला। जिले के गांव रत्तेवाली के उप स्वास्थ्य केंद्र में कोई तीन महीने से कोई स्थायी डाॅक्टर न होने की वजह से मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र में विभाग की ओर से निर्धारित किए गए कई पद अभी भी खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर आंखें बंद कर रखी हैं। हालांकि कुछ महीने पहले एक कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने उप स्वास्थ्य केंद्र रत्तेवाली का औचक निरीक्षण किया था और उन्होंने इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए थे। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद विभाग ने कोई भी रिक्त पद नहीं भरा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह केंद्र एक ही एएनएम के भरोसे चल रहा है। यह एएनएम कर्मी केंद्र में बैठे या क्षेत्र में जाकर विभाग की ओर से दी गई जिम्मेदारी को निभाएं। उपायुक्त ने इन पदों को भरने के आदेश दिए थे लेकिन बावजूद इसके अभी तक कोई भी पद नहीं भरा गया है। लोगों में चर्चा है कि उपयुक्त के आदेश के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं देने के लिए आनाकानी कर रहा हैं। लोगों ने कहा की सरकार स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर ढिंढोरा पीटने में लगी हुई है लेकिन धरातल पर नतीजा शून्य है।
उपायुक्त के आदेश को भी स्वास्थ्य विभाग ने अनसुना कर रखा है तो ऐसे में लोगों में चर्चा है कि उपयुक्त के आदेश मात्रा एक दिखावा बनकर रह गए हैं। जब उपायुक्त के आदेशों के अवहेलना की जा रही है तो आम व्यक्ति की कौन सुनवाई करेगा। लोगों का सरकार के प्रति भारी रोष है। रत्तेवाली और आसपास के लोगों का कहना है कि उन्हें छह किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोट में इलाज करवाने जाना पड़ता है। अगर उप स्वास्थ्य केंद्र रत्तेवाली में स्थायी डॉक्टर रखा जाता है तो उन्हें इलाज में सुविधा मिलेगी।
झोलाछाप डाॅक्टर उठा रहे फायदा
इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने का फायदा बगैर डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टर उठा रहें हैं। यह डॉक्टर भोले-भाले गरीबों का इलाज कर मोटी रकम की वसूली करते हैं। जिसका खमियाजा लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। -मनजीत कश्यप, स्थानीय निवासी
मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं
इस उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो देखने में बड़ा लगता है। लेकिन यहां पर मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यह कहावत फिट बैठती है कि हाथी के दांत खाने के और व दिखाने के और, जबकि स्वास्थ्य विभाग दावे बड़े-बड़े करता है। -पंकज गुप्ता, स्थानीय निवासी
जाना पड़ रहा छह किमी दूर
यहां डॉक्टर मिलने की आशा लेकर तीन महीने से चक्कर काट रहा हूं। डॉक्टर नहीं मिलने से इलाज नहीं हो पा रहा है। छह किमी दूर कोट जाना पड़ रहा है। मरीज मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास महंगा इलाज करवा रहे हैं। वहां जान को खतरा भी है। -मलकीत सिंह, समाजसेवी, रत्तेवाली
ताला लटका रहता है
इस स्वास्थ्य केंद्र के एएनएम को फील्ड में का के लिए जाना पड़ता है। जो कि गर्भवती और बच्चों की देखरेख के कार्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी डयूटी लगाई हुई है। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी नहीं होने से ताला लटका रहता है। ऐसे में इलाज करवाने कहां जाएं। -पालो देवी, पूर्व सरपंच रत्तेवाली
कोट
मैंने इस स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। यहां सीएचओ की पोस्ट है। इसकी रिपोर्ट सीएमओ पंचकूला ने मुझे दी थी। स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है। अब मैं इस बारे में दोबारा सीएमओ को बाेलती हूं कि वहां कोई व्यवस्था करें। जिससे लोगों को परेशान न होना पडे। मेरे से किसी की परेशानी नहीं देखी जाती। जनता की परेशानी मेरी खुद परेशानी है। -मोनिका गुप्ता, उपायुक्त पंचकूला