पंचकूला। स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़ा सरोकार का पहला मुद्दा अतिक्रमण शहर को जकड़ता जा रहा है। इसे रोकने में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अतिक्रमण विंग नाकाम साबित हो रही हैं। सेक्टरों के शोरूमों और बूथों की तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां अतिक्रमण की होड़ लगी है जबकि कार्रवाई महज रेहड़ी फड़ी वालों तक सीमित है। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। सेक्टर वासियों की अपील है कि अतिक्रमण पर काबू पाना है, तो इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों पर अमल कर अपनी इच्छा शक्ति को भी जगाना होगा। तभी अतिक्रमण के जंजाल से शहर को राहत मिल सकती है।
अतिक्रमण के भी कई तरीके
एक तरफ जहां दुकानदारों ने बरामदों पर अतिक्रमण कर रखा है तो वहीं रेहड़ी फड़ी वालों ने बरामदे के सामने की जगह पर अतिक्रमण कर रखा है। अब हालात यह हैं कि रात के समय कोई मार्केट से निकल तक नहीं सकता। हालांकि इस मामले में एचएसवीपी के अधिकारी कहते हैं कि उनकी टीम की नजर पूरी तरह से अतिक्रमण पर है। जहां भी अतिक्रमण होता है वहां से उसे हटा दिया जाता है। अब सवाल ये है कि यह कार्रवाई करते हैं तो दोबारा दुकानों, बरामदों और दुकानों के सामने कैसे सज जाती हैं।
यहां फैला अतिक्रमण का जंजाल
पंचकूला सेक्टर-11, सेक्टर-7 और सेक्टर-8 में मार्केट के बरामदे कब्जा लिए गए हैं तो वहीं सड़कें भी कब्जे में हैं। सेक्टर-9 की मार्केट में कई दुकानदारों ने बरामदे में सारा सामान फैला रखा है। इस वजह से आम आदमी का यहां से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। वहीं सेक्टर-9 के कुछ निवासियों का कहना है कि बरामदे तो लोगों के चलने के लिए होते हैं। यहां बरामदों को दुकानदार इस्तेमाल करने लगे हैं। इस वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सेक्टर-7 के एक बड़े रेहड़ी माफिया ने अपने बूथ के सामने अपना सामान लगाकर बरामदे को ब्लाक कर दिया तो वहीं दूसरी ओर दुकान के सामने रेहड़ियां लगवाकर उसको पूरी तरह से ब्लाक कर दिया है। सेक्टर-7 की पूरी मार्केट का हाल भी यही है। कई दुकानदारों ने पार्किंग में ही दुकानें लगा डाली हैं। सेक्टर-20 में रेहड़ी फड़ी वालों ने चारों तरफ कब्जा कर रखा है।
अतिक्रमण हटाने का दिखावा न हो, ईमानदारी से इस पर कार्य की जरूरत है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को अपने इच्छा शक्ति को जगाना चाहिए है। तभी धरातल पर काम संभव है। - सुभाष पपनेजा, आरडब्लूए जनरल सेक्रेटरी सेक्टर-16 पंचकूला।
नगर निगम और एचएसवीपी के मुलाजिम अतिक्रमण हटाने को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि पंचकूला अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रहा है। इस काम के लिए जिला प्रशासन को एक अलग से टीम बनानी चाहिए। जिसमें पुलिस के मुलाजिम भी शामिल हों। - एसके नैय्यर, प्रधान, सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन पंचकूला।
सेक्टर-20 में शोरूमों के बरामदे में लगे अतिक्रमण को हटाने के लिए एक नोटिस के बाद विभाग को शोरूमों को सील कर देना चाहिए। तभी अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा रेहड़ी फड़ी वालों पर कार्रवाई करने की जरूरत है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे सेक्टर की सड़कें रेहड़ी फड़ी वालों से भर जाएंगी। - योगेंद्र क्वात्रा, वाइस प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर-20 पंचकूला।
सेक्टर-11 की बूथ मार्केट का सबसे बुरा हाल है। यह रेहड़ी फड़ी वालों से लेकर दुकानों के बाहर तक अतिक्रमण का जंजाल फैला हुआ है। यहां समय रहते कार्रवाई नहीं की गई है। - सुनील जैन, निवासी सेक्टर-11 पंचकूला।
एचएसवीपी की तरफ से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। वहीं शोरूम मालिकों को विभाग की तरफ से नोटिस भी जारी किया जाता है। - राकेश संधू, संपदा अधिकारी एचएसवीपी।