पिंजौर। जिला नगर योजनाकार पंचकूला की ओर से अवैध निर्माणों को गिराया गया। इस दौरान मढ़ावाला में लगभग 1 एकड़ में पनप रही अवैध कॉलोनी, गांव सीतो माजरा में पनप रही अवैध कॉलोनी में 7 डीपीसी, गांव कर्णपुर में अवैध निर्माणाधीन चहारदीवारी व गांव गरीड़ा में अवैध शेड ध्वस्त किया गया। इस दौरान अधिकारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
जिला नगर योजनाकार प्रियम भारद्वाज ने बताया कि उपरोक्त अवैध कॉलोनियां भू-मालिकों की ओर से प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर बिना किसी सरकारी अनुमति के विकसित की जा रही हैं। ऐसे भू-मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों व अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 के तहत विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई जाती है। इसमें तीन साल कारावास व जुर्माने का भी प्रावधान है।
उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि विभाग से सीएलयू की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के छोटे या बड़े निर्माण न करें ताकि जनता की कड़ी मेहनत का पैसा बर्बाद न हों और अनाधिकृत अवैध निर्माणों पर रोक लग सके। अवैध कॉलोनियों का निर्माण कार्य अवैध है और अगर यहां कोई निर्माण करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान जिला नगर योजनाकार, पंचकूला प्रियम भारद्वाज, कालका तहसीलदार विक्रम सिंगला बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
निर्माण कार्य से पहले अनुमति लेनी अनिवार्य
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियम अधिनियम-1975 के तहत अर्बन एरिया में उपरोक्त अधिनियम की धारा 3 के अनुसार कोई भी प्रापर्टी डीलर निदेशक, नगर व ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से बिना लाइसेंस लिए यदि किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करता है तो वह गैर कानूनी है। अवैध कॉलोनी क्षेत्र में प्लॉट के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त व अवैध निर्माण करने के विरुद्ध हरियाणा शहरी अधिनियम 1975 की धारा 10(2) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य करने से पहले अनुमति लेनी अनिवार्य है।