मोहाली। गर्मी और मानसून के मौसम मेें होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही पर्याप्त व्यवस्था शुरू कर दी है। इससे संभावित स्वास्थ्य बीमारियों से होने वाले प्रभावित मरीजों को तत्काल में इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।सिविल सर्जन डॉ. देविंदर कुमार ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों के लिए बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में ओआरएस पैकेट और दवाइयों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध हैं। गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मोटापे से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों, हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक धूप में नहीं निकलना चाहिए, हर आधे घंटे पर पानी पीते रहना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए, सिर को सीधी धूप से ढकने के लिए छाता, टोपी, तौलिया या दुपट्टे का उपयोग करें और नंगे पैर धूप में नहीं जाना चाहिए।
इसके अलावा खाने-पीने की चीजों में तरबूज, संतरा, अंगूर, ककड़ी, टमाटर, घीया और तौरी जैसे मौसमी फलों और सब्जियों का अधिक उपयोग करें, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। जबकि चाय, कॉफी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।
डॉ. दविंदर कुमार ने जिला निवासियों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताई गई जरूरी सावधानियों का ईमानदारी से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि लू लगने के खतरे के कारण तेज बुखार होने की स्थिति में सामान्य दवाइयों का प्रयोग न करें। जितनी जल्दी हो सके उसे नजदीकी अस्पताल ले जाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों से उचित इलाज शुरू कराएं।