पंचकूला। कोरोना के नियंत्रण में आते ही डेंगू ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दो साल में सर्वाधिक 76 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है। अभी यह सिलसिला रुका नहीं है। रोजाना वाले मरीजों के रिकार्ड पर नजर दौड़ाएं तो औसतन पांच से आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। सोमवार को करीब तीस संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए जनरल अस्पताल की लैब पहुंचाए गए हैं। संभावना है कि मंगलवार को डेंगू का आंकड़ा 80 पार कर जाएगा। बता दें कि 2019 में 33 और 2018 में डेंगू के करीब 75 मामले सामने आए थे। इस बार अक्तूबर के पहले सप्ताह में डेंगू ने पंचकूला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपना पांव जमा लिया है। डेंगू के डंक को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की तरफ से धरातल पर काम नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना के टीकाकरण में लगे होने के कारण डेंगू को पैर पसारने का मौका मिल गया है।
सोमवार को नौ मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि
सोमवार को जिले में डेंगू के नौ मरीजों में पुष्टि हुई है। इनमें सेक्टर-10 से 2, सेक्टर-11 से एक, सेक्टर 16 से एक, अभयपुर से एक, बुढनपुर से एक, खड़ग मंगोली से एक, पिंजौर से एक, सेक्टर-8 का एक मरीज शामिल है। इसी के साथ जिले में डेंगू का आंकड़ा 76 पहुंच गया है। लगातार डेंगू के मामले बढ़ने के बाद भी नगर निगम की तरफ से पहले संवेदनशील जोन में कागजों में फॉगिंग करवाई गई। इस कारण धरातल पर डेंगू के मामले बढ़ते गए। अब डीसी कार्यालय की तरफ से फटकार के बाद फॉगिंग शुरू की गई है, लेकिन डेंगू ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की तरफ से अर्बन एरिया अभयपुर, राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, सेक्टर-7, 10, 26, खड़ग मंगोली, हरिपुर को संवेदनशील जोन घोषित किया गया है। वहीं रूरल एरिया सूरजपुर की महादेव कॉलोनी, पिंजौर के विश्वकर्मा कॉलोनी, बीमा देवी कॉलोनी, बीटना कॉलोनी, कालका के खेड़ा सीताराम, शिव कॉलोनी, नानकपुर के मड़ावाला, रामगढ़, माणक्य, बरवाला और रायपुरानी के गांव शामिल हैं। इसके अलावा विकास नगर, मौलीजागरा व बलटाना से भी डेंगू के इस बार ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
अधिकारी कोरोना की ड्यूटी में, कर्मियों को कौन देखे
कहने को कागजों में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 40 टीमें बनाई गई हैं, लेकिन धरातल पर इनमें से महज 10-15 टीमें ही काम कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक टीमों की जांच करने वाले अधिकतर मेडिकल अधिकारी वैक्सीनेशन कैैंप में कोरोना की ड्यूटी में लगे हैं। इस कारण ग्राउंड में स्वास्थ्य कर्मचारी काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच नहीं हो पा रही है। कागजों में तो स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी तैनाती दिखा देते हैं, लेकिन धरातल पर काम हो रहा है कि नहीं, यह जांच का विषय है।
डेंगू के रोकथाम एवं बचाव के उपाय
घरों के आसपास पूर्ण साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कचरे को अपने आवास से दूर फेंके। घरों के कूलर, टैंक, ड्रम, बाल्टी आदि से पानी खाली करें। कूलर का उपयोग नही होने की दशा में उसका पानी पूरी तरह खाली करें। घरों के आसपास पानी एकत्रित होने वाली सभी अनुपयोगी वस्तुएं जैसे-टीन के डब्बे, कॉच एव प्लास्टिक के बोतल, नारियल के खोल, पुराने टायर आदि नष्ट कर पाट दें। फ्रीज के ‘ड्रिप-पैन’ से पानी प्रतिदिन खाली करें। पानी संग्रहित करने वाले टंकी, बाल्टी, टब आदि सभी को हमेशा ढककर रखें। प्रभावित क्षेत्र में प्रति सप्ताह रविवार के दिन डेंगू रोधी दिवस के रूप में मनाया जाए, जिसके अंतर्गत समस्त पानी के कंटेनरों को खाली किया जाए एवं घर में तथा आसपास साफ-सफाई अभियान के रूप में किए जाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
सीएमओ के मुताबिक मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए हर सेक्टर हर 14 दिन के बाद सेक्टर में फॉगिंग होनी चाहिए। लेकिन दो बार फॉगिंग के नाम सेक्टर 15 खानापूर्ति की गई है। मुलाजिम फॉगिंग के लिए आए और मेन सड़क पर फॉगिंग करके चले गए। वहीं सेक्टर 20 में तो अब तक फॉगिंग भी शुरू नहीं की गई है। प्रॉपर तरीके से शहर में फॉगिंग नगर निगम नहीं करवाया रहा है।- एसके नैय्यर, प्रधान, सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन पंचकूला।
सेक्टर 19 में सीएमओ को शिकायत देने के बाद बाद बीस घरों में फॉगिंग हुई है, जबकि अभी सेक्टर 95 फीसदी घर बाकी हैं। यहां फॉगिंग की ओर नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा है। - कमलेेश लोहाट प्रधान, हाउस ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 19 पंचकूला।
नगर निगम की ओर से शहर में फॉगिंग के लिए शेड्यूल तैयार किया गया है। उसके अनुसार हर सेक्टर में फॉगिंग की जा रही है।
कुलभूषण गोयल मेयर, नगर निगम पंचकूला।