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सीधी बिजाई के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती, 12 लाख हेक्टेयर लक्ष्य तय

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चंडीगढ़। पंजाब में धान की सीधी बिजाई को लेकर नोडल अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। सरकार ने इस बार सीधी बिजाई का क्षेत्रफल 6 से बढ़ाकर 12 लाख हेक्टेयर तय कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार सीधी बिजाई से राज्य में 35 प्रतिशत भू जल की बचत होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी सीधी बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये देने का एलान कर चुके हैं।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर के गांव सतौज से धान की सीधी बिजाई शुरू कर दी गई है। इस मुहिम में राज्य के किसान भी सरकार का भरपूर साथ दे रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने सतौज गांव पहुंचकर किसानों से अपील की थी कि वह इस मुहिम की शुरुआत करें। इससे पूरे पंजाब में यह संदेश जाएगा कि मुख्यमंत्री के पैतृक गांव के लोगों ने इस मुहिम की शुरुआत की है। कृषि विभाग की ओर से भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। साथ ही गांवों में इस मुहिम को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. जसविंदर पाल सिंह ग्रेवाल ने कहा कि धान की सीधी बिजाई करने के लिए पूरे पंजाब में नोडल अफसर लगाए गए हैं। वे किसानों को इसके तौर-तरीके और फायदे बता रहे हैं। इससे पानी और पैसा दोनों बचता है।
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ठेके पर जमीन देने वाले लोगों ने भी एलान कर रखा है कि अगर कोई किसान खेत में धान की सीधी बिजाई करेगा तो उससे ठेके की रकम डेढ़ हजार रुपये प्रति एकड़ कम लेंगे।
170 फीट पहुंचा भू जलस्तर
धान की अत्यधिक खेती के कारण पंजाब में ग्राउंड वाटर का लेवल करीब 170 फीट पहुंच चुका है। ग्राउंड वाटर को बचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के किसानों से अपील कर रहे हैं कि ऐसी फसलें लगाएं या फसलों की इस तरह से बिजाई की जाए जिससे पानी की खपत कम हो।
चूहों के लिए किसानों को मिलेगी दवाई
मान ने कहा कि जब धान की फसल थोड़ी बड़ी हो जाती है तो उसमें चूहे आ जाते हैं जो फसल को नुकसान करते हैं। उसके लिए हमने दवा को ऑर्डर कर दिया है। वह दवा किसानों को दी जाएगी ताकि फसलों का कोई नुकसान न हो सके।
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धान की सीधी बिजाई के 3 प्रमुख फायदे
- सीधी बिजाई वाली मशीनें सूखे खेत में कारगर
- इस प्रक्रिया में खेत में पानी की जरूरत नहीं
- बिजाई के बाद 21 दिन पानी की जरूरत नहीं
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