पंचकूला। डेंगू के डंक से हाहाकार मचने लगा है। प्लेटलेट्स के लिए मरीजों के तीमारदार भटक रहे हैं, हालात भयावह हैं। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के अलावा बाहरी लोगों के लिए प्लेटलेट्स नहीं हैं। इन जिलों के लोगों को डोमीसाइल लेकर आना होगा तो प्लेटलेट्स मिलेंगे। बाहरी लोगों डोनर लेकर आना होगा तो प्लेटलेट्स चढ़ेगा। वह भी तब जब डोनर की वेन मिलेगी। वेन (नसें) नहीं मिलने की सूरत में यह संभावना भी खत्म समझो। वर्तमान में जिले में डेंगू ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। मरीजों का आंकड़ा 183 छू गया है। जानकारी के अनुसार जिले में डेंगू से सोमवार को पहली मौत हो गई है। ढकोली निवासी मरीज ने पंचकूला के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
कोरोना में जिस तरह से मरीज की जान बचाने के लिए कोरोना रिकवरी मरीज के प्लाज्मा के लिए मारामारी थी, अब डेंगू में भी वही हाल हो रहा है। जिले में सोमवार को डेंगू के 20 मामले मिले हैं। पंचकूला में डेंगू के 183 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, प्लेटलेट्स के लिए मरीजों के तीमारदार परेशान हैं। मरीज को बचाने के लिए वो प्लेट्लेट्स के लिए डोनर की तलाश कर रहे हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप पर डोनर के लिए अपील की जा रही है। लोग अपने रिश्तेदारों को बुला रहे हैं। ब्लड बैंक के कर्मियों का कहना है कि ब्लड बैंक में आने वाला डोनर भी ऐसा होना चाहिए, जिसकी मोटी वेंस (नसें) हों और उसके पास तीन से चार घंटे का समय हो। जिसके पास ऐसा डोनर नहीं है, उसकी सांसें थमनी तय है। यहां फ्री में प्लेटलेट्स की उम्मीद तो बिल्कुल ही छोड़ दीजिए। अगर गलती से ब्लड बैंक के स्टॉफ ने बताया कि यहां प्लेटलेट्स हैं, तो यहां की शर्तें इतनी होंगी, जिन्हें आप पूरा नहीं कर सकते।
हर दिन 50 यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स की जरूरत
सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल, सहित पंचकूला के निजी अस्पतालों में डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पंचकूला के अस्पतालों में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ तक के मरीज दाखिल हैं। ऐसे में इनके लिए हर दिन 50 से 60 यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ रही है। पंचकूला में तीन ब्लड बैंक हैं। प्लेटलेट्स के लिए तीमारदार एक ब्लड बैंक से दूसरे ब्लड बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। पंचकूला में बड़ी मुश्किल से डोनर मिल रहे हैं, जो मिल रहे हैं, ब्लड बैंक में जाने के बाद कहा जा रहा है कि उनकी वेंस (नसें) नहीं मिल रही हैं। जिसके चलते चैरिटेबल ब्लड बैंक भी रक्तदान और प्लेटलेट्स देने की अपील कर रही हैं।
फ्री में प्लेटलेट्स के लिए दिखाएं डोमीसाइल
सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में फ्री प्लेटलेट्स सिर्फ पंचकूला, अंबाला व यमुनानगर के मरीजों को मिलेगा। वो भी जिनके पास डोमीसाइल होगा। वहीं दूसरे राज्यों के लोगों को प्लेटलेट्स के लिए आठ हजार रुपये फीस भरनी होगी। साथ में डोनर भी लाना होगा।
केस नंबर एक
पंचकूला निवासी मनोजीत ने बताया कि प्लेटलेट्स की अचानक जरूरत पड़ गई। हमें पता था कि यहां हरियाणा के मरीजों को फ्री में प्लेटलेट्स मुहैया करवाया जाता है, लेकिन फ्री तो प्लेटलेट्स मिला नहीं, डोनर बुलाना पड़ा और करीब आठ हजार रुपये भी भुगतान करने पड़े। साथ ही डोनर का भी काफी समय बर्बाद हुआ।
केस नंबर दो
सेक्टर-2 निवासी हेमा देवी ने बताया कि अस्पताल के ब्लड बैंक से पहले बता दिया गया कि आपका प्लेटलेट्स कम है, आपको डोनर बुलानी पड़ेगा। बड़ी मिन्नतों के बाद कहीं डोनर अरेंज किया, डोनर अस्पताल आया, यहां आने के दो घंटे बाद बताया गया कि आपको प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं है। ऐसे में मेरे साथ साथ डोनर भी परेशान हुआ। क्योंकि वह अपने ऑफिस से दो घंटे छुट्टी लेकर प्लेटलेट्स देने के लिए आया था।
अभी ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स उपलब्ध नहीं है। प्लेटलेट्स के लिए अस्पताल में डोनर लेकर आना होगा। यहां कई मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनके वेंस (नसें) ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में अगर हम प्रक्रिया शुरू करते हैं तो बीच में मशीन बंद हो सकती है। रहा सवाल फ्री प्लेटलेट्स का तो सिर्फ पंचकूला, अंबाला व यमुनानगर के मरीजों को मिलेगा। वो भी जिनके पास डोमीसाइल होगा। - डॉ. मनोज त्यागी, इंचार्ज ब्लड बैंक सेक्टर-6 जनरल अस्पताल पंचकूला।