पंचकूला। कोरोना के बाद अब डेंगू के प्रकोप ने प्रदेश के लोगों को आफत में डाल दिया है। प्रदेश के चार जिलों पंचकूला, फतेहाबाद, सिरसा और सोनीपत की गणना देश के नौ डेंगू प्रभावित राज्यों में हो रही है। पंचकूला में प्रदेश में सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। इसकी जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को पंचकूला पहुंची थी। सबसे पहले टीम ने पंचकूला के ग्रामीण क्षेत्रों को जांच के लिए चुना, जहां से तत्काल डेंगू के नए मरीजों की पुष्टि की।
इसके तहत टीम ने बरवाला के भरैली, पंचकूला के रामगढ़ और मानक्या में सर्वे किया। यहां पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग के साथ डॉक्टरों की टीम ने लोगों के घर जाकर स्थानीय लोगों का फीडबैक लिया और डेंगू फैलने के कारणों के बारे में भी पता लगाया। टीम के सदस्यों ने पानी के स्टोरेज को डेंगू फैलने का मुख्य कारण माना। अब टीम सोमवार को हरियाणा के फतेहाबाद और मंगलवार को सिरसा में जांच करेगी। ताकि सर्वे से पता चल सके कि इस बार डेंगू के मामलों के इतना इजाफा क्यों हुआ है। मंगलवार को ही टीम शाम को पंचकूला पहुंचेगी और यहां टीम के सदस्यों द्वारा रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा।
लैब और वार्डों को भी चेक किया
स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल के लैबों की व्यवस्था, जिले में डेंगू के वार्डों, रिसेंपलिंग के सिस्टम को जाना। वहीं अस्पताल के लैब में डेंगू के सैंपल मशीन के बारे में भी यहां के स्टाफ की तरफ से बताया गया। यहां के स्वास्थ्य कर्मियों ने मंत्रालय की टीम को बताया कि सिविल अस्पताल पर वर्कलोड बहुत ज्यादा है, अगर यहां फुली ऑटोमेटिक मशीन मिल जाए तो ज्यादा से ज्यादा वह सैंपलों की जांच कर पाएंगे। साथ ही जल्द ही जांच के बाद मरीजों को रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे समय पर मरीजों को उपचार शुरू हो जाएगा।
डेंगू बढ़ने का कारण पानी स्टोरेज बताया
स्वास्थ्य मंत्रालय से जांच के लिए पहुंचे डॉ. नीरज ने बताया कि पंचकूला के तीन गांवों में शनिवार को टीम ने जांच किया। वहां से अभी हाल ही में डेंगू के नए मरीज सामने आए हैं, साथ ही वहां पानी स्टोरेज और लोगों के घरों की भी जांच की गई। डॉ. नीरज ने बताया कि दीपावली के समय हर जगह सफाई हुई है, इस वजह से कही डेंगू का लारवा नहीं मिला, लेकिन पानी स्टोरेज एक मुख्य वजह दिख रहा है, जिसके चलते डेंगू के तादात में यहां इजाफा हुआ है। वहीं कुछ अन्य बिंदुओं पर भी टीम जांच कर रही है। वहीं यहां के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम को बताया कि अब तक जिले में 2000 लोगों को डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन चालान नहीं होने की वजह और जागरूकता कमी की वजह से डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस पर मंत्रालय की टीम विचार-विमर्श कर रही है।