चंडीगढ़। हरियाणा में न्याय वितरण प्रणाली में अधिक तेजी लाने और पारदर्शी बनाने के लिए इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) मंगलवार से शुरू हो गया है। इसके तहत क्रिमिनल जस्टिस के पांच स्तंभों पुलिस, कोर्ट, अभियोजन, फोरेंसिक और जेल के साथ डाटा सांझा किया जा रहा है। इससे आपस में समन्वय स्थापित करने में आसानी होगी और डाटा की डुप्लीकेसी खत्म हो जाएगी।
यह जानकारी आईसीजेएस को हरियाणा में लागू करने को गठित स्टेट लेवल कमेटी की दूसरी बैठक यहां मुख्य सचिव संजीव कौशल को दी गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक ऐसा नवीनतम सिस्टम तैयार करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए, जिसके तहत पुलिस द्वारा एकत्रित किये जा रहे एक जिले का पूरा डाटा एक ही जगह मिल सके। प्रथम चरण में किसी एक जिले में पायलट परियोजना के आधार पर इस सिस्टम को लागू किया जाए। उन्होंने सीसीटीएनएस के तहत हरियाणा पुलिस का देश में प्रथम स्थान होने पर बधाई दी। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के प्रधान सचिव अनिल मलिक, पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
डाटा को किया जा रहा एकीकृत
एडीजीपी और आईसीजेएस के स्टेट नोडल अधिकारी एएस चावला ने बताया कि कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (सीएएस) और जेल विभाग के सॉफ्टवेयर को आईसीजेएस के साथ पहले ही एकीकृत किया जा चुका है। अब जेल के नये ई-प्रिजन सॉफ्टवेयर पर माइग्रेट किया जा रहा है। एफएसएल के ट्रेकिया सॉफ्टवेयर और कोर्ट के डाटा को भी आईसीजेएस के साथ एकीकृत किया है। हरियाणा में सभी स्तंभों के डेटाबेस को वेब एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के माध्यम से सिंक्रनाइज किया जा चुका है।