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साइबर ठगों ने तीन को लगाई चपत, 2.40 लाख ठगे

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पंचकूला। एमडीसी सेक्टर-5 स्थित स्टेट साइबर थाने में साइबर ठगी के तीन मामले दर्ज हुए हैं। तीन मामलों में 240300 रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में पीड़ित अशोक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कार खरीदने की योजना बना रहे थे। फेसबुक पर सेकंड हैंड कार उनको पसंद आई। दिए नंबर पर कॉल किया। मारुति वैगन आर कार की कीमत 75 हजार रुपये बताई गई।
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शुरू में गूगल पे के माध्यम से पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता ने आरोपी को भेजा। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक स्कैनर भेजा ताकि उससे वह कार की बकाया निर्धारित राशि वापस ले सके। धीरे-धीरे पांच ट्रांजेक्शन में 75 हजार रुपये की जगह 89300 रुपये उनके बैंक खाते से निकलवा लिए। शिकायतकर्ता ने आरोपी से बकाया राशि वापस करने और कार डिलीवर करने को कहा लेकिन आरोपी ने ना ही पैसा वापिस किया और ना ही कार डिलीवर किया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में दी गई।
ऑनलाइन 70 हजार रुपये की ठगी
अंबाला के राजेश के साथ 70 हजार रुपये की ठगी हुई है। राजेश ने स्टेट साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि उनकी मां धारावाहिक चैनल देखती हैं। चैनल को सब्सक्राइव करने के लिए वह 199 रुपये का रिचार्ज किया। इसके बाद दोबारा आटोमैटिक 199 रुपये का भी रिचार्ज हो गया।
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राजेश ने गूगल पर जाकर चैनल का कस्टमर केयर नंगर तलाश तो कुछ मिनट बाद ही एक अज्ञात नंबर से शिकायतकर्ता को कॉल आई। उक्त व्यक्ति ने मोबाइल में एनी डेस्क एप डॉउनलोड करने को कहा। साथ ही एप में क्रेडिट कार्ड नंबर डालने को कहा ताकि पैसा वापस क्रेडिट कार्ड में आ सके। आरोपी ने सात ट्रांजेक्शन में 70 हजार शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत स्टेट साइबर थाना में दी।
इंश्योरेंस का पैसा वापस करने के नाम पर 81 हजार रुपये ठगे
इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा वापिस करने के नाम पर 81 हजार रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित पवन वर्मा ने मामले की शिकायत स्टेट साइबर थाने में दी। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 81 हजार रुपये की एलआईसी काफी समय पहले करवाई थी। एलआईसी मैच्योर हो जाने पर उन्हें पैसा मिलना था। 7 जून को उनके पास कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को एलआईसी एजेंट बताया। यहां तक कि आरोपी ने पीड़ित को एलआईसी नंबर और उसकी कुल राशी भी बताई ताकि पीड़ित को भरोसा हो। उसके बाद उक्त आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा। उससे स्कैन करने को कहा ताकि एलआईसी की राशि उसको मिल सके। क्यू आर कोड को पीड़ित द्वारा स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से 81 हजार रुपये निकल गए। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर थाना में दी गई।
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