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अदालत : गुरुग्राम किडनी कांड: गवाहों को धमकाने के मामले में सजा बरकरार, तीन दोषियों को पिछले साल 29 फरवरी को सुनाई गई थी सजा, कोर्ट ने कहा- इस तरह का अपराध क्षम्य नहीं

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पंचकूला। गुरुग्राम किडनी कांड में गवाहों को धमकाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों दोषियों की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का अपराध क्षम्य नहीं हैं। इस मामले में सजा से माफी के लिए तीनों दोषियों की तरफ से अपील की गई थी। तीनों को कोर्ट ने कस्टडी में लेकर अंबाला जेल भेज दिया। इस मामले में सीबीआई के स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 29 फरवरी 2020 को डॉ. अमित, डॉ. जीवन और बुलबुल कटारिया को दोषी करार देकर तीनों को सात-सात साल की सजा और बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं इस मामले में सजा के बाद तीनों आरोपियों की तरफ से सीबीआई की विशेष अदालत में सजा से बचाव की अर्जी दाखिल की गई थी।
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बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि किडनी कांड मामले में आरोपी ओपेंद्र सिंह ने जेल से हाईकोर्ट को पत्र लिखकर बताया था कि किडनी कांड में डॉ. जीवन, डॉ. अमित और बुलबुल कटारिया ने गवाहों को धमकाया था। पैसे देकर उनके बयान बदलवाए थे। इसके बाद सीबीआई ने तीनों पर मामला दर्ज किया था। वकील ने बताया कि डॉ. अमित, डॉ. जीवन, बुलबुल कटारिया, लक्ष्मण पांडे मामले में आरोपी थे। ट्रायल के दौरान लक्ष्मण पांडे की मौत हो गई थी। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि डॉ. अमित पर आरोप था कि वह लोगों की किडनियां निकालकर अमीर लोगों को बेचता था।
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