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आरक्षित मूल्य से 28 फीसदी अधिक रेट पर नीलाम हुए ठेके

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चंडीगढ़। हरियाणा में ठेकों की नीलामी इस बार बड़े दामों पर हो रही है। तीसरे जोन में आरक्षित मूल्य से 28 फीसदी अधिक रेट पर ठेके नीलाम हुए। इस जोन के छह जिलों में लाइसेंस फीस से सरकार को 1557 करोड़ रुपये का राजस्व आया।
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आबकारी एवं कराधान विभाग को तीसरे जोन से 342 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। अभी एक जोन के ठेकों की नीलामी बाकी है। प्रदेश में नई आबकारी नीति 12 जून से लागू होनी है। उससे पहले ठेकों की नीलामी चल रही है। तीसरे जोन में गुरुग्राम (ईस्ट), जगाधरी, झज्जर, जींद, पंचकूला और रेवाड़ी जिलों में ठेकों की नीलामी हुई है। इन छह जिलों में ठेकों की नीलामी के लिए कुल 1215 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस के रूप में आरक्षित थे। नीलामी में यह राशि बढ़कर 1557 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इससे पहले ए श्रेणी के जिलों की नीलामी में सरकार को 243 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले थे। बी श्रेणी के जिलों की नीलामी से 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला था। चौथे जोन की नीलामी में 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। सरकार को ठेकों की नीलामी में ही इस बार 1200 करोड़ रुपये फायदा होने वाला है।
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आंकड़ों के अनुसार बीते ढाई साल में आबकारी राजस्व 8 हजार करोड़ रुपये पार कर गया है। पूर्व सरकार में यह 5500 करोड़ रुपये तक था। विभाग ने इस बार 9000 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य रखा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार बीते दो दशक में नीलामी से इतना अधिक फायदा पहली बार हुआ है।
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