चंडीगढ़। हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन तबादला नीति पर अव्यवस्था हावी है। जेबीटी के तो पांच साल से अधिक समय से तबादले ही नहीं हुए। बीते शैक्षणिक सत्र में अनेक बार तबादलों का कार्यक्रम जारी हुआ, लेकिन सिरे नहीं चढ़ा। इससे शिक्षकों को मायूसी हाथ लगी। तबादलों से जुड़ी अनेक याचिकाएं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिससे विभाग के हाथ बंधे हुए हैं।
ऑनलाइन तबादला नीति के लिए बनाया गया पोर्टल भी अनेक बार दम तोड़ चुका है। तबादलों के लिए ऑनलाइन विकल्प भरने की शुरुआत के साथ ही पोर्टल का सर्वर ठप हो जाता है, जिससे शिक्षकों को भारी परेशानी होती है। बीते सत्र में भी ऐसा तीन-चार बार हुआ। अब शिक्षकों की निगाहें नए सत्र पर टिक गई हैं। उन्हें उम्मीद है कि विभाग व सरकार मिलकर याचिकाओं का निपटारा कराने में सफल होंगे और शिक्षक मनपसंद स्टेशन पर ऑनलाइन तबादला ले सकेंगे।
अधिकांश शिक्षकों का कहना है कि अधिकारी ऑनलाइन तबादला प्रणाली को गंभीरता से नहीं ले रहे। अधिकारियों की लापरवाही से ही कुछ शिक्षक कोर्ट गए हुए हैं। तरह-तरह की दलीलों के कारण शिक्षा विभाग तबादलों को सिरे चढ़ा ही नहीं पा रहा, इससे शिक्षकों का तबादला नीति से विश्वास उठता जा रहा है। अस्थायी समायोजन लेकर कुछ शिक्षक अन्य के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु, प्रेस प्रवक्ता अजीत चंदेलिया, पूर्व राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने सरकार से अनुरोध किया है कि तबादला नीति की खामियों व कोर्ट केस का जल्द निपटारा किया जाए।
शिक्षक लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक लेकर उचित कदम उठाएं। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों के तबादला ऑनलाइन किए जाएंगे। कुछ त्रुटियां हैं, जिन्हें सुधारा जा रहा है। हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं के निपटारे को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सभी जरूरी कदम उठा रहा है।