चंडीगढ़। पीयू के भूगोल विभाग और इंडियन नेशनल कार्टोग्राफिक एसोसिएशन (आईएनसीए) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ बुधवार को हुआ। मुख्य अतिथि हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुभारंभ किया। कहा, भू-स्थानिक क्षेत्र में देश में रोजगार पैदा करने की अपार संभावनाएं हैं। कोविड महामारी संकट के प्रबंधन में मानचित्र फायदेमंद साबित हुए हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भौगोलिक सूचना विज्ञान (जीआईएस) का अनुप्रयोग इस बात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है कि कैसे नासा को अन्य दुनिया की विशेषता का पता चलता है। साथ ही भूभौतिकी की व्यापक समझ विकसित करता है और हमारे अपने ग्रह के बारे में बहुमूल्य जानकारी एकत्र करता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास 2030 तक एक सुसंगत राष्ट्रीय स्थान डेटा ढांचा होगा, जो देश को ई-अर्थशास्त्र, ई-सेवा और ई-कॉमर्स की ओर बढ़ने में मदद करेगा। नागरिकों की सेवाओं में सुधार करने में मदद करेगा। उन्होंने केंद्र की प्रमुख योजना पर प्रकाश डाला। कहा, ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि पार्सल की मैपिंग करके ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति का स्पष्ट स्वामित्व स्थापित करने की दिशा में सुधारात्मक कदम है।
आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया डेटा संग्रह : नवीन तोमर
पीयू पीसी प्रो. राजकुमार ने सम्मेलन को प्रतिष्ठित मंच बताते हुए कार्टोग्राफी को बहु-विषयक बनाने के लिए एक कार्य योजना के साथ आने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि इसके ज्ञान को अन्य डोमेन के साथ साझा किया जा सके। मुख्य वक्ता भारत के महासर्वेक्षक नवीन तोमर ने कहा कि भारत को एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया। साथ ही उन्होंने सिस्टम में नए प्रयोग की जरूरत पर जोर दिया। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप पर भी प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि वाइस एडमिरल एवं चीफ हाइड्रोग्राफर अधीर अरोड़ा ने समुद्री कार्टोग्राफी के क्षेत्र पर जोर दिया और महासागर मानचित्रण की जटिलताओं पर विशेष रूप से इस कार्य के लिए आवश्यक भारी धन और मानव शक्ति के संदर्भ में बात की।
पुस्तक व मानचित्रों का विमोचन किया
आईएनसीए अध्यक्ष प्रो. कृष्ण मोहन ने सम्मेलन के विषय पर प्रकाश डाला। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी बंगलूरू के निदेशक डॉ. शैलेश नायक ने भी विचार रखे। इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पुस्तकों और मानचित्रों का विमोचन भी किया। विजेताओं का सम्मान किया गया। आखिर में भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. गौरव कलोत्रा ने सभी का आभार जताया।