चंडीगढ़। बाजार और मॉल्स तो कोरोना की मार से 90 फीसदी उबर चुके हैं, लेकिन सिनेमाघरों का संकट दूर नहीं हो रहा है। आज भी उनका 15 फीसदी घाटा ही पूरा हो पाया है। इसके पीछे बड़ी वजह किसी भी नई फिल्म का रिलीज न होना है। पुरानी फिल्मों में लोगों की रुचि नहीं है।
एलांते मॉल में नेक्सस मॉल के वरिष्ठ उप प्रधान जयेन नाइक ने बताया कि पहले लॉकडाउन के बाद जब दीपावली आई थी तो बाजारों में रिकवरी रेट धीमा था। दूसरे लॉकडाउन के बाद बाजारों में 90 प्रतिशत तक रिकवरी रेट है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के एलांते मॉल में वर्ष 2021 में 29 नए ब्रांड के स्टोर खुले हैं। लोगों का फुटफॉल कम हुआ है, लेकिन खरीददारी में अब अंतर नहीं रहा है। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल मल्होत्रा ने बताया कि सिनेमा घर अभी कोरोना की मार से जूझ रहे हैं। ज्यादातर फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही रिलीज हो रही हैं। पुरानी फिल्मों में लोगों का रुझान है नहीं, इसलिए शहर के सिनेमाघरों के लिए यह त्योहार भी फीका ही है।
दक्षिण की अपेक्षा में उत्तर भारत में बढ़ा व्यवसाय
विशेषज्ञों ने बताया कि दक्षिण भारत में आईटी सेक्टर ज्यादा है। वहां अभी घर से काम जारी है। बाहरी लोग घर लौट चुके हैं। इसलिए वहां के मॉल व बाजारों में अभी 60 प्रतिशत तक की ही रिकवरी आई है। चंडीगढ़ ने काफी तेजी से कोविड की दोनों लहरों के बाद अनलॉक प्रक्रिया को शुरू किया किया था। इसका लाभ यहां के व्यावसायियों को मिला है।