चंडीगढ़। 7 साल पहले पब्लिक टॉयलेट ब्लॉक्स पर विज्ञापन लगवाने के नाम पर करोड़ों का घोटाला करने के आरोपी नगर निगम के रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर आरसी दीवान को जिला अदालत की सीबीआई कोर्ट से करारा झटका लगा है।
आरोपी आरसी दीवान ने जगजीत सिंह की सीबीआई कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। इस केस में आरसी दीवान समेत सेलवेल कंपनी के डायरेक्टर जिम्मी सुबावाला, जीएम विश्वदीप दत्ता और आउटडोर कम्युनिकेशन कंपनी के डायरेक्टर मयसा गणेश भी आरोपी हैं। सीबीआई ने इन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। दीवान ने आवेदन में कहा कि वे जनसेवक थे, लेकिन सीबीआई ने उन पर केस चलाने के लिए सरकार से अभियोजन स्वीकृति नहीं ली थी, इसलिए उन पर केस नहीं चलाया जा सकता। वहीं, सीबीआई के वकील ने अपने जवाब में कहा कि जिस वक्त कोर्ट में चालान पेश किया गया तब आरोपी सर्विस से रिटायर हो चुका था इसलिए उस पर केस चलाने के लिए स्वीकृति की जरूरत नहीं थी। सीबीआई कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दीवान की याचिका खारिज कर दी।