उन्होंने एलान किया कि वह यूपी और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए वोट मांगेंगे और लोगों को कांग्रेस की असलियत बताएंगे। कैप्टन का कहना है कि इन दोनों राज्यों में वह सिख बहुल हलकों में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि कैप्टन अपनी नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के गठन का एलान करने के साथ ही यह भी साफ कर चुके हैं कि वह 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे। इसके अलावा उन्होंने अकाली दल से अलग हुए टकसाली नेताओं को भी अपने गठबंधन में शामिल करने का एलान किया है। हालांकि भाजपा के साथ जाने के कैप्टन के एलान के बाद सुखदेव सिंह ढींढसा जैसे टकसाली नेताओं ने कैप्टन से दूरी बना ली है।
मैं पीएलसी-भाजपा गठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं : कैप्टन
कैप्टन ने साफ किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी भाजपा के साथ मैदान में उतर रही है, लेकिन वह इस गठबंधन में खुद को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश नहीं कर रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन में भाजपा के अलावा जो भी दल आएंगे, वह अपने-अपने चिह्न पर ही चुनाव लड़ेंगे।
कैप्टन ने आगे कहा कि वह अकाली दल छोड़ने वाले टकसाली नेताओं से तो गठबंधन करेंगे लेकिन किसी भी कीमत पर अकाली दल के साथ नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी केंद्रीय मंत्री अमित शाह से बात हो चुकी है, भाजपा का अकाली दल से दोबारा गठबंधन होने की कोई चर्चा नहीं है।