विपक्ष की आपत्ति के बाद प्रदेश सरकार ने इस विधेयक को विचार के लिए प्रवर समिति को भेज दिया था। नेता प्रतिपक्ष व अन्य कांग्रेस विधायकों ने विधेयक के अनेक प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं। अब प्रवर समिति की रिपोर्ट में यह सामने आएगा कि कितनी आपत्तियां सही हैं और कितनी तर्कहीन। विधेयक के प्रारूप में संशोधन की जरूरत है या नहीं।
जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आएगा विधेयक
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि यह बजट सत्र ऐतिहासिक रहेगा। 22 मार्च को सत्रावसान होगा। लोकसभा की तर्ज पर इस बार कार्यवाही चलेगी। जबरन धर्मांतरण के खिलाफ इस सत्र में सरकार कड़ा कानून बनाने जा रही है। इसके लिए विधेयक लाया जाएगा। इसके अलावा तर्कसंगत नहीं रहे कानून खत्म होंगे। अनेक अधिनियमों में संशोधन किया जाएगा। हर ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा कराएंगे।
इनेलो ने विस में जनहित से जुड़े 16 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने दो मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए जनहित से जुड़े मुद्दों पर 16 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए हैं। इनेलो विधायक अभय चौटाला इसके अलावा मुख्यमंत्री, वित्त, कृषि, शिक्षा, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य और सिंचाई मंत्री से अनेक सवाल भी पूछेंगे। उन्होंने अनेक तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न विधानसभा में प्रस्तुत किए हैं। अभय ने कहा कि वह लोकहित से जुड़े सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
विधानसभा के प्रक्रिया व कार्य संचालन संबंधी नियमों के नियम 73 के तहत 10 साल पुराने ट्रैक्टर पर एनसीआर में एनजीटी के पाबंदी लगाने, परिवार पहचान-पत्र के तहत बुजुर्गों की पेंशन काटने, रजिस्ट्रियों में घोटाला, संपत्ति के विवरण के लिए आईडी लागू करने, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली, बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों के मुआवजे, भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन (हरियाणा संशोधन) बिल 2021, बढ़ती बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ रहे भ्रष्टाचार, वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने, बढ़ता नशा एवं शराब पीने की आयु सीमा 25 से 21 करने, प्रदेश में हो रहे अवैध खनन, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज, डोमिसाइल में 15 साल की सीमा को खत्म कर 5 साल करने इत्यादि मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए हैं। अभय ने कहा कि सरकार इन्हें स्वीकार कर सदन में चर्चा कराए।