पंजाब के मेरिटोरियस स्कूलों की काउंसलिंग पर प्रवेश परीक्षा के बाद भी ब्रेक लगा हुआ है। काउंसलिंग में देरी होने से कक्षाएं भी देरी से शुरू होंगी। जिसको लेकर सूबे के मेधावी विद्यार्थियों में पढ़ाई पर विपरीत असर होने की चिंता सताने लगी है। पंजाब में द सोसायटी फार प्रमोशन आफ क्वालिटी एजूकेशन फार पूअर एंड मेरिटोरियस स्टूडेंट्स आफ पंजाब की ओर से राज्य भर में 10 मेरिटोरियस स्कूल चलाए जा रहे हैं।
इनमें लुधियाना, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर, मोहाली, फिरोजपुर, पटियाला, संगरूर, गुरदासपुर तथा तलवाड़ा में स्कूल चल रहे हैं। सभी जिलों में विभिन्न विषयों की कुल 4600 सीटें हैं। इनमें प्रवेश के लिए होने वाले पंजीकरण में भी काफी देरी हुई थी। पंजीकरण की तिथि में 9 बार फेरबदल किया गया था। इसके बाद कामन एंट्रेंस टेस्ट के जरिये आवेदन करने वालों की प्रवेश परीक्षा ली गई।
सोसायटी की ओर से दावा किया गया था कि एंट्रेंस टेस्ट के बाद दीपावली के आसपास काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद भी अभी तक काउंसिलिंग शुरू नहीं हो पाई है। जिससे मेधावी छात्रों में रोष है। दूसरी ओर विद्यार्थियों को यह भी चिंता सता रही है कि काउंसलिंग प्रक्रिया में यदि देरी होती है तो कक्षाएं भी देरी से ही शुरू होंगी। पंजाब मेरिटोरियस स्कूल्स के असिस्टेंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर इंद्रपाल सिंह मल्होत्रा ने भी काउंसलिंग में हो रही देरी की बात को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि काउंसलिंग की स्वीकृति के लिए फाइल को मुख्यालय भेज दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सप्ताह स्वीकृति मिल जाएगी। जिसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
लगाई जाएंगी अतिरिक्त कक्षाएं
काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी के कारण बाधित होने वाली पढ़ाई के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। इंद्रपाल सिंह मल्होत्रा ने बताया कि यह व्यवस्था रेगुलर कक्षाओं के साथ ही शुरू की जाएगी।