चंडीगढ़। हरियाणा में जानमाल की हिफाजत के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों से ब्लैक स्पॉट हटाए जाएंगे। दुघर्टना संभावित क्षेत्रों की अधिकारी प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करेंगे। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को यहां नेशनल हाईवे पर रोड एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट निराकरण के संबंध में बैठक ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह में सभी ब्लैक स्पॉट चिह्नित करें। दुष्यंत को बैठक में जानकारी दी गई कि एनएच का निर्माण सभी सेफ्टी इंजीनियरिंग मेजर्स को ध्यान में रखकर किया जाता है। सड़क सुरक्षा के मानक सर्वोच्च स्थान पर रखते हैं, बावजूद इसके कुछ स्थानों पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। 500 मीटर के एरिया को इकाई मानकर पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई दुर्घटनाओं का डाटा एकत्रित किया जाता है। उसके आधार पर ही किसी स्थान को रोड एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट की संज्ञा दी जाती है। दुर्घटनाओं की अधिकता के कारण प्रतिवर्ष एनएचएआई ट्रांसपोर्ट रिसर्च विंग को डाटा भेजा जाता है।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के रोड एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट की परिभाषा से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर भी ब्लैक स्पॉट के निराकरण के प्रयास करेगी। विभिन्न स्थानों पर सड़क पर कट होने से लोग जब गुजरते हैं तो दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
फतेहाबाद समेत अन्य शहरों में कई जगह ऐसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं, जहां प्रति वर्ष दर्जनों लोगों की जान चली जाती है। चौटाला ने हरियाणा पुलिस, परिवहन विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परस्पर समन्वय स्थापित कर राज्य के सभी एनएच की स्थिति सुधारें।