हरियाणा में गरीब परिवारों का कोरोना से जीवन बचाने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कारगर साबित हो रही है। प्रदेश में योजना के तहत 5 करोड़ रुपये की राशि कोरोना मरीजों के इलाज पर खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि गरीब व्यक्तियों को इस खौफ से भी मुक्ति मिली है कि कोराना हो गया तो क्या होगा, इलाज के लिए पैसे कहां से आएंगे। हरियाणा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 15.50 लाख परिवार पंजीकृत हैं। वे 5 लाख रुपये वार्षिक तक इसमें मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। ऐसे अनेक गरीब परिवार हैं जिनके परिवार का कोई भी सदस्य बीमार हो जाए तो उन पर एक तरह से कहर टूट पड़ता है। पैसा न होने से इलाज नहीं हो पाता। उनके पास कोई बीमा भी नहीं होता।
सरकार का उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति को इस पीड़ा से मुक्त करना है। कोविड-19 महामारी की जांच और उपचार को 4 अप्रैल 2020 से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद से प्रदेश में योजना के तहत 5 करोड़ रुपये कोरोना मरीजों के इलाज पर खर्च किया गया है। प्रदेश में योजना को लागू करने के लिए ‘आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य सुरक्षा प्राधिकरण’ का गठन किया गया है। इस प्राधिकरण ने 11,374 व्यक्तियों की कोविड-19 की जांच व उपचार किया है।
सरकार इलाज के खर्च को देखते हुए इस योजना में सूचीबद्ध कोविड के इलाज के लिए अधिकृत अस्पतालों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान कर रही है ताकि गरीब के इलाज में पैसे की तंगी के कारण कोई कमी न रह जाए। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के कोविड-19 के उपचार के लिए 261 सूचीबद्ध अस्पताल हैं। जिनमें 68 सरकारी व 193 निजी अस्पताल हैं।
सोनीपत निवासी कमला ने जताया आभार
कोविड-19 को मात देकर घर लौटी जिला सोनीपत निवासी 50 वर्षीय कमला देवी ने इस योजना के तहत इलाज के लिए सरकार का आभार प्रकट किया है। कमला लगभग 2 सप्ताह बाद भगवान दास अस्पताल, सोनीपत से ठीक होकर घर पहुंची। उन्होंने कहा कि इस योजना ने जीवन बचा लिया, क्योंकि इलाज पर अस्पताल ने 38 हजार रुपये का खर्च बताया था, जो उसका परिवार नहीं दे सकता था, क्योंकि वे रेहड़ी लगाकर किसी तरह अपना जीवनयापन कर रहे हैं।