चंडीगढ़।कोरोना महामारी में कई तरह के टेस्ट पर प्राइवेट लैबोरेटरीज द्वारा ओवर चार्जिंग की लगातार आ रही शिकायतों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरक ार, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से पूछा है कि टेस्ट की फीस तय करने को लेकर कोई रेगुलेटरी मैकेनिज्म है या नहीं। अगर ऐसा कोई मैकेनिज्म है तो उसके बारे में अगली सुनवाई पर जानकारी दी जाए।
जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते जानकारी मांगी। सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट को सहयोग दे रहे सीनियर एडवोकेट रूपिंदर खोसला ने बताया कि इस संकट के समय में कई निजी लैब कई तरह के टेस्ट पर मनमानी फीस वसूल रही हैं। इन पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। अब तो ब्लैक फंगस भी तेजी से फैल रहा है। इसकी दवाओं की भी मांग काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। इस बीमारी पर भी जल्द से जल्द काबू पाया जाना बेहद जरूरी है। सरकारों को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
गांवों में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए : पंजाब
पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के इलाज के लिए गांवों में हेल्थ वेलनेस केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं, जो ग्रामीणों की हर संभव मदद कर रहे हैं । टेली मेडिसिन की सुविधा पर भी काम किया जा रहा है। ब्लैक फंगस की दवा इम्फ ोट्रेसिन-बी पंजाब में उपलब्ध है। फिर भी राज्य सरकार ने 30 हजार और इम्फोट्रेसिन -बी का आर्डर भी दे दिया है । ब्लैक फंगस को फैलने से रोकने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श किया जा रहा है।
हरियाणा में 725 डॉक्टर टेलीमेडिसिन के जरिए लोगों को दे रहे निशुल्क परामर्श
हरियाणा के एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य में टेली मेडिसिन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टर फोन पर लोगों को जरूरी परामर्श दे रहे हैं। 1075 हेल्पलाइन नंबर के जरिए लोग यह परामर्श ले रहे हैं। इस काम के लिए 725 डॉक्टर बेहद ही सफलता से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही बताया गया कि राज्य को अब तक 5758230 वैक्सीन मिली हैं, जिनमे से राज्य के 50 लाख 60 हजार 519 वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने 18 मई को आदेश जारी कर होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को फोन पर परामर्श देने के लिए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्रों की सेवाएं लेने को कह दिया है और इन छात्रों की ट्रेनिंग शुरू भी कर दी गई है।
केंद्र ने बताया, 5 और कंपनियों को इम्फ ोट्रेसिन -बी दवा बनाने का लाइसेंस
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने बताया कि ब्लैक फंगस की दवा इम्फ ोट्रेसिन -बी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 5 और फार्मास्यूटिकल कंपनियों को लाइसेंस दे दिए हैं। अब 11 कंपनियों के पास इम्फ ोट्रेसिन -बी दवा बनाने का लाइसेंस है । उन्होंने बताया कि प्रत्येक राज्य की ओर से वेंटिलेटर्स और कन्संट्रेटर की मांग आ रही है। जिस पर सेंट्रल कंट्रोल रूम जल्द से जल्द कार्रवाई कर देगा।