पंचकूला। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कालका, पिंजौर, बरवाला और रायपुररानी के मरीजों को नागरिक अस्पताल में अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही स्थानीय स्तर पर मरीजों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के आधार पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिले के चार सब डिवीजनों में डॉक्टर से लेकर रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जाएगा। इन अस्पतालों में करीब 20 लाख रुपये की लागत के अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग से शुरू कर दी है। इसके लिए दो तीन निजी कंपनियां आई हैं, सोमवार को इसका टेंडर खुलेगा। यह जानकारी हरियाणा की स्वास्थ्य महानिदेशक वीना सिंह ने दी।
अभी पंचकूला के नागरिक और निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं मरीज
कालका, पिंजौर, बरवाला और रायपुरानी के सब डिवीजन अस्पतालों में जांच के बाद मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पंचकूला के तरफ रुख करना पड़ता है। वर्तमान में इन अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। ऐसे में पंचकूला के सिविल अस्पताल में लोड बढ़ जाता है। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए पूरे जिले के मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में यहां के सिविल अस्पतालों में मरीजों की वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को छोड़कर बाकी मरीजों को दस से पंद्रह दिनों तक अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ता है। अगर सब डिवीजन अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी तो पंचकूला सिविल अस्पताल का वर्कलोड कम होगा और यहां के मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इतजार नहीं करना पड़ेगा।
कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, यमुनानगर और सोनीपत में मिलेगी कैथ लैब की सुविधा
पंचकूला की तर्ज पर प्रदेश के चार जिलों के नागरिक अस्पतालों में मरीजों को कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। इसमें कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, यमुनानगर और सोनीपत के नागरिक अस्पताल शामिल हैं। यह सुविधा मरीजों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत मिलेगी। लैब स्थापित होने के बाद मरीज ईसीजी से लेकर स्टंट डालने तक की चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, इसके टेंडर 20 सितंबर को खुलेंगे। एक कैथ लैब पर करीब पांच से सात करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा यहां सिटी स्कैन और एमआरआई का लाभ भी मरीज उठा सकेंगे। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सिटी स्कैन पर ढाई और एमआरआई पर भी ढाई करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
पंचकूला जिले के सब डिवीजन अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड लगाया जा रहा है। इसकी सुविधा मरीजों को पीपीपी के तहत मिलेगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसका सोमवार को टेंडर खुलेगा। वहीं प्रदेश के चार नागरिक अस्पतालों में पंचकूला की तर्ज पर कैथ लैब, सिटी स्कैन व एमआरआई पीपीपी के तहत मरीजों को दी जाएगी। इन प्रोजेक्टों पर भी काम शुरू हो चुका है। - वीना सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक हरियाणा।