चंडीगढ़। दलितों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी क्रिकेटर युवराज सिंह के जांच में शामिल होने के कारण पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 6 अक्तूबर से इस मामले में बहस शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही युवराज के खिलाफ कार्रवाई पर भी तब तक रोक जारी रखी है।
1 अप्रैल, 2020 को युवराज सिंह सोशल मीडिया पर अपने साथी रोहित शर्मा के साथ लाइव चैट कर रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन को लेकर चर्चा के दौरान उन्होंने मजाक में अपने साथियों को कुछ शब्द कह दिए थे। इसको लेकर हांसी में युवराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था। युवराज सिंह ने इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए युवराज सिंह को मामले की जांच में शामिल होने और उनके खिलाफ अगले आदेशों तक कोई भी कार्रवाई करने पर रोक लगा दी थी। हरियाणा पुलिस ने प्राथमिक तौर पर याची की दलीलों से असहमति जताते हुए बताया था कि जो शब्द युवराज ने इस्तेमाल किए थे, उसे इस क्षेत्र में दलितों के लिए अपमानजनक शब्द माना जाता है।