चंडीगढ़। पंजाब में एनजीओ को बेबी फूड देने के विरोध में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने चंडीगढ़ मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और पक्का धरना लगाया। उनके विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारी पहुंचे और 18 अक्तूबर को बैठक का आश्वासन दिया। हालांकि इसके बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।
चंडीगढ़ सेक्टर 34 में निदेशक सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष हरजीत कौर पंजोला के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ पंजाब (सीटू) में कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकत्रित हुईं। जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने इस दौरान पंजाब सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब की महासचिव सुभाष रानी ने कहा कि कहा कि सरकार राज्य में स्कूलों में भोजन की व्यवस्था एक एनजीओ को सौंपने जा रही है जो सरासर अन्याय है। इससे पहले भी सरकार के कई फैसले उनके विरोध में किए गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष मह सिंह रोड़ी ने कहा कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने हमेशा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ सौतेला व्यवहार किया है। केंद्र सरकार की नीतियां कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने और ठेका प्रणाली लाने की है। उपाध्यक्ष कृष्णा कुमारी और वित्त सचिव अमृतपाल कौर ने बच्चों के लिए पूरक पोषाहार की अनुबंध प्रणाली शुरू करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल ताजा पका खाना ही उपलब्ध कराया जाए और इसकी गुणवत्ता में सुधार किया जाए। धरने में संयुक्त सचिव गुरदीप कौर, प्रदेश सचिव मनदीप कुमारी, उपाध्यक्ष गुरमेल कौर, बलराज कौर, अनूप कौर, गुरविंदर कौर, वरिंदर कौर, जसविंदर कौर, गुरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सुरजीत कौर, भिंडर कौर गौसल, राजविंदर कौर कहलों, गुरबख्श कौर शामिल थीं।