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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा बोले- पंजाब में किसानों के नाम पर बनाया जा रहा आतंक का माहौल

Sun, 31 Jan 2021 10:50 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन सौंपता भाजपा का शिष्टमंडल। - फोटो : अमर उजाला
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14 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को लेकर प्रदेश भाजपा के शिष्टमंडल ने पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात की। शिष्टमंडल में राज्यसभा सांसद व प्रदेश भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. नरिंदर सिंह, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, मनोरंजन कालिया, अनिल सरीन, बिक्रमजीत सिंह चीमा भी उपस्थित रहे।

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राज्यपाल से मुलाकात के बाद भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है। किसानों के नाम पर राज्य में आतंक का माहौल बनाया जा रहा है। इस तरह की गंभीर स्थिति में पंजाब में सत्तारूढ़ नेताओं के साथ-साथ अन्य विपक्षी दल अपने राजनीतिक स्वार्थ व लाभ के लिए हिंसा और धमकियों का सहारा ले रहे हैं।

 

पंजाब में कई जगह भाजपा नेताओं पर जानलेवा हमले, भाजपा कार्यालयों में जबरन घुसकर तोड़फोड़, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर जानलेवा हमलों की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

 

आरोपियों के नाम बताए जाने पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं को किसानों के नाम पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं।


अश्वनी शर्मा ने कहा कि राज्य में आदर्श आचार संहिता पहले ही लागू की जा चुकी है, जिसमें स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि राजनीतिक दल और उम्मीदवार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में अवरोध पैदा न करें या तोड़-फोड़ न करें। लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी तथा अन्य विपक्षी दल भाजपा कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें चुनाव प्रचार और चुनाव लड़ने से रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

 

राज्य में भय और आतंक का माहौल बन चुका है। शिष्टमंडल ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग और राज्यपाल का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपनी शक्तियों का प्रयोग कर यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में मतदाता किसी भी खतरे, भय और दबाव के बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करें।

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