संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। तीन दशक से भी अधिक समय से जेल में बंद सिख कैदी गुरदीप सिंह खैड़ा का स्वास्थ्य खराब होने के कारण स्थानीय गुरु नानक देव अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी उन्हें अस्पताल मिलने गए और उनका हाल पूछा। धामी ने खैड़ा के स्वस्थ होने की प्रार्थना की और शिरोमणि कमेटी की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
एडवोकेट धामी ने उनसे संक्षिप्त चर्चा की और अस्पताल के कर्मचारियों से खैड़ा की देखभाल के लिए गंभीर प्रयास करने को कहा। सिख कैदी खैड़ा का हाल जानने के बाद धामी ने कहा कि सरकार की ओर से देश की जेलों में 30-30 साल की सजा काट रहे कैदियों को सरकारों की ओर से रिहा न करना, उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। कई सिखों ने अपनी सजा से ज्यादा समय जेलों में बिताया है। खैड़ा भी इन्हीं सिखों में से एक है। उन्होंने कहा कि हमने सिख कैदियों की रिहाई के संबंध में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। लेकिन अब तक कोई सार्थक जवाब नहीं मिला है। सरकारों को बंदी सिखों के मामले पर सहानुभूतिपूर्ण विचार करना चाहिए और उन सिखों को रिहा करना चाहिए जो पहले ही लंबी सजा काट चुके हैं। इस अवसर पर उनके साथ एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह, उप सचिव कुलविंदर सिंह रामदास, सुखराज सिंह व प्रो बलजिंदर सिंह भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन: सिख कैदी गुरदीप सिंह खैड़ा का हाल जानने गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।