घर में घुसकर जानलेवा हमले करने वाले को 5 साल की कैद
सबहेड
अदालत ने 2 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, दो आरोपियों को पहले किया जा चुका है बरी
- एक अन्य दोषी को अदालत सुना चुकी है पांच साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मौली कांप्लेक्स में एक घर में घुसकर परिवार के लोगों पर हमला और मारपीट करने के मामले में एडीजे आरके शर्मा की कोर्ट ने मनीमाजरा निवासी रोहित (26) को पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने रोहित को आईपीसी की धारा 458, 427 और 506 के तहत दोषी करार देते हुए उस पर दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले अदालत इसी मामले में परमात्मा उर्फ बतिस्ता को पांच साल की सजा सुना चुकी है। वहीं दो अन्य आरोपियों सोनू उर्फ मिड्डा और सूरज सिंह को शिकायतकर्ता द्वारा पहचानने से इंकार करने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था।
पुलिस में दी शिकायत में मौली कांप्लेक्स निवासी पवन कुमार ने कहा था कि तीन जनवरी 2015 की रात वह घर परिवार समेत घर में मौजूद थे। सब लोग खाना खाने के बाद टीवी देख रहे थे। करीब 10:30 बजे परमात्मा और रोहित 3-4 अन्य युवकों के साथ उनके घर के बाहर आए और जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने लगे। उन्होंने खिड़की से देखा तो युवक तलवार, बैट और डंडों से लैस थे। घबराकर परिवार के सभी लोग ऊपर वाले हिस्से में चले गए और खुद को अंदर बंद कर लिया।
इस पर युवक दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। उन्होंने परिवार के सदस्यों को कमरे से निकाला और उनसे मारपीट शुरू कर दी। हमले से पवन के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य जख्मी हो गए। वह लोग उन्हें जान से मारने के इरादे से आए थे, लेकिन हंगामा होने पर आसपास के लोग वहां जुट गए। इस पर सभी हमलावर वहां से भाग गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों का अस्पताल में इलाज कराया और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
वहीं शिकायतकर्ता के अदालत में सोनू और सूरज के वारदात के वक्त वहां न होने के बयान के बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। वहीं मामले में परमात्मा और रोहित पहले अदालत से भगोड़ा करार दिए गए थे लेकिन बाद में उनके पकड़े जाने पर उनके खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ था। रोहित को पुलिस ने परमात्मा के बाद पकड़ा था, इसलिए उसके खिलाफ अब ट्रायल पूरा होने पर अदालत ने उसे सजा सुनाई है।