पंचकूला/रायपुररानी। अंबाला लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रतन लाल कटारिया के विरोध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी के अंतर्गत रविवार को पंचकूला जिले के रायपुररानी क्षेत्र में मतदाताओं ने विरोध स्वरूप पांच साल से लापता सांसद के लौटने के पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगा दिए हैं। इतना ही नहीं पोस्टर की फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी है, जोकि रविवार को शहर में चर्चा का विषय बनी रहा। जैसे ही पोस्टर की फोटो वायरल हुई इस मामले को विपक्षी नेताओं ने भुनाना शुरू कर दिया। उन्होंने फोटो पर कई तरह के कमेंट भी किए। लोगों के घरों व सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए पोस्टरों में भाजपा प्रत्याशी कटारिया के 2014 लोकसभा चुनावों के समय किए वादों को सांसद बनने के बाद एक भी वादा पूरा न करना और जनता को 2019 के चुनावों में दोबारा बेवकूफ बनाना प्रकाशित किया गया है। अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रत्याशी के प्रति रोष प्रकट करने का यह अनोखा तरीका जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पहले भी लग चुके हैं सांसद के लापता होने के पोस्टर
विपक्ष दल के नेताओं का कहना है कि पोस्टर लगना भाजपा प्रत्याशी के लिए यह नया मामला नहीं है। इससे पहले भी उनके पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने लापता होने के पोस्टर संसदीय क्षेत्र में लगाए थे। तब भी यह मामला चर्चा का विषय बना था। गौरतलब है कि सांसद बनने के बाद कटारिया के प्रति जनता में रोष है। उनका लगातार विरोध हो रहा है। अभी दो दिन पहले ही रामगढ़ में जनसभा के दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी हो चुकी है। जबकि इससे पहले बरवाला में उन्हें जनसभा में जनता के विरोध का सामना करना पड़ चुका है। लोगों का आरोप है कि सांसद बनने के बाद रतन लाल कटारिया पांच साल तक किसी भी क्षेत्र में दिखाई नहीं दिए। विकास करना तो दूर उन्होंने सांसद निधि के अंतर्गत की घोषणा की रकम को भी जारी नहीं किया।
पोस्टर लगाने के पीछे किसका हाथ, जांच शुरू
जनता द्वारा रोष स्वरूप लगाए गए पोस्टर को लेकर पार्टी पदाधिकारी व स्थानीय प्रशासन जांच में जुट गया है। वह पता लगा रहे हैं कि यह किस शरारती तत्व का कार्य है व इसके पीछे कौन सी विपक्षी पार्टी का हाथ है। वहीं, बिना परमिशन किसी स्थान पर पोस्टर लगाना भी अपराध व आचार संहिता का उल्लंघन है।
मतदान से पहले ही विपक्ष में दिख रही हार की बौखलाहट
जब इस मामले को लेकर भाजपा के पंचकूला मीडिया प्रभारी नवीन गर्ग से बात की गई तो उन्होंने इसे विपक्ष की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि अभी तो मतदान हुआ नहीं है और विपक्ष में हार की बौखलाहट नजर आने लगी है। विपक्ष अपनी हार देख कर पूरी तरह बौखला गया है और भाजपा की जनसभा में हुल्लड़बाजी करने जैसी ओछी राजनीति पर उतर आया है। लेकिन विपक्ष की इस घटिया हरकत का जनता पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। जनता सब जानती है कि किस पार्टी के शासन काल में कितना विकास हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए अंबाला संसदीय क्षेत्र का मतदाता 12 मई को मतदान कर भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करेगा।