शिक्षा विभाग की नई पहल, अब क्लस्टर स्तर पर होंगे एग्जाम
सभी सरकारी स्कूलों को बांटा गया है 20 क्लस्टर में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर के सभी सरकारी स्कूलों के लिए बनने वाले प्रश्नपत्र के तरीकों में शिक्षा विभाग इस बार बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड की कक्षाओं को छोड़कर इस साल एग्जाम सेंट्रलाइज नहीं होगा। बल्कि अपनी जरूरत के अनुसार ही क्लस्टर अलग से प्रश्न पत्र सेट करेगा और उसी के जवाब स्टूडेंट्स को देने होंगे। यह पहली बार है जब विभाग की तरफ सेे इस प्रकार का निर्णय लिया गया है।
शहर के सभी सरकारी स्कूलों को 20 क्लस्टर में बांटा गया है। यह क्लस्टर बच्चों की संख्या पर निर्भर करता है। एक क्लस्टर में छह से आठ स्कूल होंगे। जब वार्षिक एग्जाम के लिए प्रश्न पत्र सेट होंगे तो सभी क्लस्टर के एक्सपर्ट टीचर वहां मौजूद होंगे और उनकी सहमति से प्रश्न पत्र सेट किया जाएगा।
वहीं, दूसरी क्लस्टर में दूसरे प्रश्नों को भी शामिल किया जा सकता है। ऐसे में पूरी उम्मीद रहती है कि क्लस्टर के टीचर उन्हीं प्रश्न को प्रश्न पत्र में शामिल करेंगे जो कि बच्चों को बेहतर तरीके से आते हैं। इससे स्कूलों के वार्षिक परिणाम बेहतर होने की उम्मीद है।
क्या कहते है एक्सपर्ट
सेंट्रलाइज्ड एग्जाम होते थे तो उनसे कहीं न कहीं स्टूडेंट्स की कमियों के बारे में पता चलता था। यदि अब एग्जाम के लिए प्रश्न पत्र अलग-अलग होंगे तो निश्चित तौर पर स्टूडेंट्स की कमियों का पता नहीं चलेगा और उनमें सुधार करना मुश्किल होगा। बोेर्ड की क्लास में जाने वालेे स्टूडेंट्स की तैयारी शुरू से ही बोर्ड के समान होनी चाहिए।
- चंचल सिंह, पूर्व डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
कोट
सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में टीचर्स को बहुत तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसलिए इस बार हमने क्लस्टर स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार करने का फैसला लिया है। इससे सीक्रेसी भी बढ़ेगी।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी