शिकायतकर्ता पहचानने से मुकरा, लूट के चारों आरोपी बरी
- पिछले साल मौलीजागरां में देर रात लूटे थे दो मोबाइल और कैश
- शिकायतकर्ता के सामने नहीं कराई थी लूटे गए सामान की रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कालोनी नंबर-4 निवासी तीन लोगों से पिछले साल फरवरी में दो मोबाइल, कैश समेत अन्य सामान लूटने के मामले में जिला अदालत ने पंचकूला निवासी चार युवकों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इससे पहले मामले में शिकायतकर्ता और आई विटनेस ने अदालत में आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया था। बरी होने वालों में पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी इरफान (18), ललित (19), अरुण कुमार उर्फ नानू (21) और दिनेश कुमार (22) शामिल हैं। चारों के खिलाफ मौलीजागरां थाना पुलिस ने राम मिलन की शिकायत पर आईपीसी की धारा 395 और 412 के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में कालोनी नंबर-4 निवासी राम मिलन (41) ने कहा था कि वह वेटर का काम करता है और 19 फरवरी 2017 की देर रात करीबन 2.30 बजे वह साथी मंगल कुमार और आलोक के साथ मौलीजागरां से विकासनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उन्हें 6 से 7 लड़कों ने जबरन रोक लिया।
युवकों ने उससे उसका मोबाइल और 5600 रुपये लूट लिए, वहीं आलोक से उसका मोबाइल और 120 रुपये लूट लिए थे। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद उन्होंने वारदात की सूचना पुलिस कंटोल रूम पर दी। इस पर मौली जागरां थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने राम मिलन की शिकायत के आधार पर केस दर्ज अगले दिन इस केस में उक्त चारों युवकों को गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष के वकील अमरजीत सिंह के अनुसार केस में शिकायतकर्ता राम मिलन और चश्मदीद उसके दोनों साथियों ने चारों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से रिकवरी भी शिकायतकर्ता और चश्मदीदों के सामने नहीं करवाई थी। इसके चलते अभियोजन पक्ष अदालत में केस साबित नहीं कर सका।