रिश्वत लेते पकड़े गए एसआई और
कांस्टेबल के खिलाफ चालान दायर
पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था सीबीआई ने, 500 पेज के चालान में बनाए 22 गवाह
एसआई, कांस्टेबल और एक प्राइवेट पर्सन को बनाया आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 14 मई को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ सीबीआई द्वारा पकड़े गए इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 पुलिस थाने के एसआई (निलंबित) सेवा सिंह, कांस्टेबल (निलंबित) सुमित और बिचौलिए अजय कुमार के खिलाफ जांच एजेंसी ने वीरवार को चालान दायर कर दिया। पुलिस ने सेवा सिंह और सुमित को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13 (2) आर/डब्ल्यू 13 (1) (डी) और आईपीसी 120बी के तहत आरोपी बनाया है। वहीं अजय कुमार को आईपीसी की धारा 120बी के तहत आरोपी बनाया गया है। उसके पास से ही रिश्वत की रकम रिकवर हुई थी।
करीब 500 पेज के चालान में सीबीआई ने तीनों के खिलाफ 22 गवाह बनाए हैं। इनमें शिकायतकर्ता मुन्ना को मुख्य गवाह बनाया गया है। इसके अलावा कांस्टेबल और शिकायतकर्ता के बीच फोन पर हुई बातचीत को भी बतौर सबूत पेश किया है। वहीं सेवा सिंह के घर की सर्च से मिले कैश और 80 लाख रुपये की प्रापर्टी के दस्तावेज को भी सीबीआई ने चालान में पेश किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को स्क्रूटनी के बाद आरोपियों को चालान की कॉपी सौंपी जाएगी।
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यह है मामला
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कॉलोनी नंबर-4 निवासी मुन्ना कुमार सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपी एसआई सेवा सिंह 12 मई को उसके आफिस आया था और उस पर छह मई को कॉलोनी नंबर-4 के लाइट प्वाइंट के समीप लगे नाका से बिना हेलमेट जाने पर रोकने के बावजूद न रुक नाका तोड़ जाने का आरोप लगाया। उसने मुन्ना से कहा कि उसने पुलिस नाका तोड़ा है और अब उसकी विक्रांत मोटरसाइकिल इम्पाउंड की जाएगी। साथ ही उसके गिरफ्तार का वारंट भी जारी हो गया है। मुन्ना ने नाका तोड़ने से इंकार किया, लेकिन इसके बावजूद एसआई ने उसकी बाइक थाने में जमा करवा ली। आरोप के अनुसार एसआई ने बाइक इम्पाउंड न करने और उसे गिरफ्तार न करने की एवज में उससे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी। शिकायत के आधार पर जांच एजेंसी ने एसआई को ट्रैप बिछाकर दबोच लिया था। वहीं मामले में कांस्टेबल सुमित और बिचौलिए अजय कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था।