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बोर्ड परीक्षाओं के सेंटर बदलने के विरोध में बंद रहे प्राईवेट स्कूल

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बोर्ड परीक्षाओं के सेंटर बदलने के विरोध में बंद रहे प्राइवेट स्कूल
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स्कूल संचालकों ने जताया रोष, जिला उपायुक्त को सौंपा मांगपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से प्राइवेट स्कूलों के 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा सेंटर दूर-दराज क्षेत्रों में बनाए जाने के विरोध में सोमवार को पूरे जिले के निजी स्कूल बंद रहे। इसके साथ ही सभी स्कूल संचालकों ने सुबह करीब 11 बजे फाजिल्का रोड पर रोष व्यक्त करते हुए जिला उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा।
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रैकोग्राइज्ड एंड एफीलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष शाम लाल अरोड़ा ने कहा कि राज्य में शिक्षा का स्तर ऊंचा करने में निजी स्कूलों का सर्वाधिक योगदान रहता है। शिक्षा विभाग स्कूलों संबंधी कोई भी फैसला लेने में रासा को विश्वास में नहीं लेता। इसी के चलते शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के सेंटर दूरदराज स्कूलों में भेज दिए गए हैं। इससे एक ओर जहां विद्यार्थियों को आने-जाने में समस्या पैदा होगी वहीं 12वीं कक्षा की युवा लड़कियों के लिए दूर-दूर स्कूल में पेपर देने जाना सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है। रासा की ओर से बार-बार मांग करने पर भी शिक्षा विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी के रोष स्वरूप 5 फरवरी को सभी निजी स्कूल बंद रखे गए और जिला उपायुक्त को मांगपत्र सौंपते हुए बोर्ड परीक्षाओं के सेंटर पहले की भांति ही ज्यों के त्यों रखने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने अगर उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया तो वह विभाग के खिलाफ संघर्ष करने पर मजबूर होंगे। इसका सीधा असर परीक्षाओं पर पड़ेगा। जिला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने गए स्कूल संचालकों ने किरण अरोड़ा, धीरज मिगलानी, एस.पी.एस. कटारिया, गौरव अरोड़, अरुण नारंग, योगेश मोंगा, गोल्डी चलाना तथा अमरीक सिंह कुक्कड़ आदि शामिल थे।
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इस समाचार की फोटो एबीआर 3 और 4 भेजी जा रही है।
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