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मोरिंडा शूगर मिल के बकाये के लोकर किसानों ने धरना दिया

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किसानों ने दो घंटे रोपड़-मोरिंडा मार्ग पर लगाया जाम
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मोरिंडा शुगर मिल के बकाये के लोकर किसानों ने दिया धरना
मोरिंडा(रोपड़)।
सहकारी शुगर मिल में करोड़ों रुपये के पिछले बकाया तथा समस्यायों का समाधान न करने पर भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल ने सरकार व मिल प्रबंधकों के खिलाफ धरना दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने उनकी बात न सुने
जाने पर मोरिंडा-रोपड़ रोड पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक लगे इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मोके पर पहुंचे मिल तहसीलदार व मिल के जरनल मैनेजर ने किसानों को समझाने की काफी कोशिश की पर किसान डीसी से बात करने पर अड़े रहे। जिसके बाद एडीसी (विकास) पहुंचे और उन्होंने किसानों की समस्याएं सरकार के ध्यान में
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लाकर हल करने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने धरने को समाप्त किया। इस दौरान यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के गन्ने की पेमेंट नहीं कर रही जब कि सरकार की ओर किसानों का लगभग 43 करोड़ रुपये बकाया है। मिल प्रबंधकों ने 15 दिन में पेमेंट करने का वादा किया गया था लेकिन किसानों को 21 दिसंबर के बाद पेमेंट नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधक किसानों पर लगाई जा रही पेनल्टी का मामला भी हल नहीं कर रहे। इस मौके पर यूनियन के जिला प्रधान चरन सिंह मुंडिया, परमिंदर सिंह चलाकी, सुखवंत सिंह, संतोख सिंह, कैप्टन मुलतान सिंह ने संबोधन करते हुए राज्य व केंद्र सरकार को किसानों की समस्याएं जल्द करने की अपील की।
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सहकारी मिलें सबसे बढ़िया रिकवरी दे रही हैं
मोरिंडा शुगर मिल के जरनल मैनेजर कंवलजीत सिंह ने कहा कि शुगर मिल पंजाब की सहकारी मिलें सबसे बढ़िया रिकवरी दे रही हैं। क्रशिंग में भी मिल का बढ़िया प्रदर्शन है। उन्होंने किसानों के 2016-17 के बकाये पर कहा कि किसानों का यह मामला सरकार के पास भेजा है। 23 दिसंबर तक की मौजूदा पेमेंट किसानों को की जा चुकी है जबकि अगली पेमेंट भी साथ की साथ जा रही है। उन्होने किसानोें द्वारा उठाये जा रहे पेनल्टी के मुद्दे पर कहा कि यह पिछले वर्षों के तहत ही लगाई जा रही है।
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